
आग में फूंकी 7 गाड़ियां, दुकान, गुमटी और घर भी जलाए, 4 गंभीर सहित 12 लोग घायल
- जमीन विवाद के चलते दो पक्षों के झगड़े ने लिया बड़ा रूप
- पुलिस ने लाठी फटकारी आंसू गैस के गोले भी छोड़े
- दोनों पक्षों के 35 से अधिक लोग हिरासत में
शाजापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
जिले के सलसलाई में रविवार सुबह जमीन संबंधित विवाद के बाद जमकर उपद्रव हुआ। दो पक्ष आमने-सामने आ गए और काफी देर तक खूनी संघर्ष हुआ। बस स्टैंड क्षेत्र स्थित भाजपा नेता पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। उपद्रव व पथराव में कुल 12 लोग घायल हो गए। इनमें से 4 की हालत गंभीर है। एक घायल की अंगुली कटकर अलग हो गई। उपद्रव के चलते बोलेरो, मोटरसाइकलें फूंक डाली। वहीं गुमटी व घर में भी आग लगा दी। आग बुझाने पहुंची दमकल पर भी पथराव किया गया। उपद्रव के बाद 7 वाहन, 2 दुकान, घर व गुमटियों में आग लगाई गई। वहीं दमकल वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने लाठियां फटकारी और आंसू गैस के गोले छोड़े, तब स्थिति नियंत्रित हो सकी। शाम को उज्जैन एडीजी वी. मधुकुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है किंतु तनाव बरकरार है।
शाजापुर से 40 किमी दूर सलसलाई में सुबह 10 बजे उपद्रव हुआ। जानकारी अनुसार यहां बस स्टैंड पर भाजपा नेता प्रकाश मेवाड़ा की दुकान पर दूसरे पक्ष के करीब आधा दर्जन लोग पहुंचे और प्रकाश पर लाठी, पत्थर और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। सूचना पर सलसलाई थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया किंतु इसी बीच दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। उपद्रवियों ने पथराव के साथ आगजनी शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला बढ़ गया। मामला बिगड़ता देख सलसलाई पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अफसरों को सूचना दी गई। इस पर वरिष्ठ अफसर घटनास्थल के लिए रवाना हुए और अन्य थानों का बल भी सलसलाई भेजा गया। उपद्रव में बस स्टैंड क्षेत्र सहित गांव में भी जमकर बवाल मचाया गया। घरों में तोड़फोड़ के साथ आग लगा दी गई। पुलिस पर भी पथराव किया गया। बस स्टैंड क्षेत्र में एक ट्रैक्टर, बोलेरो, बाइक सहित कुछ अन्य वाहनों में तोडफोड़ कर आग लगा दी। काफी देर तक यहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग घरों में डरे-सहमे छिपे रहे। बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ गुमटियों को भी आग लगा दी गई। विवाद में एक पक्ष के 4 लोग गंभीर घायल हो गए, जिन्हें शाजापुर रैफर कर दिया गया। वहीं करीब एक दर्जन लोगों को चोट भी आई है। प्रकाश को सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि नारायण मेवाड़ा की एक उंगली ही कटकर अलग हो गई, जो पुलिस ने बस स्टैंड क्षेत्र से जब्त की। सभी घायलों को शाजापुर व शुजालपुर अस्पताल रैफर किया गया। शाजापुर से प्रकाश समेत तीन अन्य को इंदौर रैफर कर दिया गया।
फायर फाइटर पर पथराव, कांच फूटे
आगजनी के बाद उस पर काबू पाने के लिए सलसलाई के साथ ही शुजालपुर, कालापीपल और सारंगपुर की फायर ब्रिगेड बुलाई गई। गांव में लगी आग बुझाने के लिए जब एक फायर ब्रिगेड पहुंची तो उपद्रवियों ने उसमें भी तोड़फोड़ कर दी। गांव में कई घरों के सामने पड़े पत्थर उपद्रव की कहानी बयां कर रहे थे। काफी देर बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसरों के सामने भी लोग खुलकर बोलने से बच रहे थे। मीडियाकर्मियों को भी गांव के लोग ज्यादा जानकारी नहीं दे रहे थे।
देखते ही देखते धू-धूकर जल उठी गाड़ियां
प्रकाश पर हुए हमले के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। वह कुछ कर पाती विवाद ज्यादा बढ़ गया। उपद्रवियों द्वारा आग लगाने से वाहन, दुकान, गुमटी भभक उठी। आसमान में धुआं ही धुआं छा गया। हालांकि मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। विवाद के करीब दो घंटे बाद तक आग भभकती रही। बस स्टैंड क्षेत्र पर स्थित दो दुकान एसपी के आने के बाद खोली गई तो उनमें अंदर आग भभक रही थी। फायर ब्रिगेड ने पानी डालकर आग बुझाई।
शाजापुर, आगर और राजगढ़ जिले से बल पहुंचा
उपद्रव की सूचना मिलते ही शाजापुर, आगर व राजगढ़ जिले से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को काबू में लिया। एसपी शैलेंद्रसिंह चौहान के नेतृत्व में आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। शाम तक करीब 35 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। दोनों पक्ष के लोगों को अलग-अलग थाने पर रखा गया, ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो।
एडीजी विवादित स्थल पर पहुंचे
इधर, शाम 5 बजे एडीजी उज्जैन वी. मधुकुमार सलसलाई पहुंचे। यहां उन्होंने डीआईजी रमणसिंह सिकरवार, कलेक्टर श्रीकांत बनोठ, एसपी चौहान समेत अन्य अधिकारियों के साथ विवादित स्थल देखा। करीब एक घंटे तक एडीजी व डीआईजी यहां रुके रहे। कई बिंदुओं पर मातहतों को निर्देशित किया। उल्लेखनीय है कि पिछले दो माह में यह दूसरा उपद्रव है। जब दो समुदाय के लोग आमने-सामने हुए हो। इससे पहले शाजापुर में विवाद हो चुका है। इसके चलते खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हैं। कानून व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले से बाहर का फोर्स भी आया है।
फायर ब्रिगेड चालक की तबीयत बिगड़ी
आग पर काबू पाने के लिए सारंगपुर से आई फायर ब्रिगेड के चालक मोहन पिता ऊंकार पुष्पद (50) की वाहन चलाते वक्त अचानक तबीयत बिगड़ गई। यह देख पास खड़े उनका साथी और पुलिस तत्काल वाहन पर चढ़े और स्टेयरिंग संभाली। मोहन को पुलिसकर्मियों ने वाहन से उतार कर पुलिस वाहन से ही अस्पताल पहुंचाया। एसपी चौहान ने बताया कि मोहन का उपचार चल रहा है। उन्हें हार्ट अटैक या मिर्गी की समस्या होने की बात सामने आई है।
उपद्रव में हुई आगजनी में भारी नुकसान हुआ है। उपद्रवियों ने एक बोलेरो समेत अन्य वाहन, एक घर, एक-दो दुकान, गुमटियां जला दी। एक ट्रैक्टर में भी आग लगा दी जिससे ट्रैक्टर के टायर जल गए। उपद्रव में 14 लोगों की संपत्ति को लाखों का नुकसान पहुंचा है। डिप्टी कलेक्टर कलावती ब्यारे की टीम ने नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की है। प्रशासन के अफसर भी विवाद के बाद सक्रिय नजर आए। पटवारी महेश मंडलोई और ब्रजकिशोर पटेल आदि ने नुकसान आदि का आंकलन कर प्राथमिक रिपोर्ट तैयार की है।
पिछले माह भी हुआ था ऐसा ही विवाद
सांप्रदायिक दृष्टि से जिला अति संवेदनशील जिलों में शामिल हैं। बीते माह भी जिला मुख्यालय पर दो अलग-अलग समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए थे। अलसुबह शुरू हुए मामले ने दोपहर बाद उपद्रव का रूप ले लिया था। शहर के बस स्टैंड, ट्रैफिक पॉइंट क्षेत्र और काछीवाड़ा में जमकर पथराव हुआ था। करीब आधा दर्जन लोगों के साथ ही पुलिस अफसर और जवान भी घायल हुए थे। मामले में पुलिस ने सात केस दर्ज कर 150 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया था। सितंबर में विवाद के बाद अब एक बार फिर जिले के सलसलाई थाने में अलग-अलग समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए और जमकर पथराव और आगजनी हुई। लगातार सामने आ रहे विवाद के मामले चिंता का विषय हैं। सहसलाई में सामने आया विवाद भी पूर्व से चल रहा है। पुलिस अगर गंभीरता से इस पर नजर रखती तो शायद बड़ा विवाद सामने नही आता।
यह है विवाद का कारण
जिस जमीन को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है, उसके दो मालिक बताए जा रहे हैं। एक ग्वालियर और दूसरा इंदौर निवासी है। ग्वालियर के व्यक्ति ने जमीन एक व्यक्ति को बेच दी, जबकि इंदौर वाले व्यक्ति की ओर से प्रकाश जमीन पर हक जता रहा था। दूसरा पक्ष जमीन पर निर्माण शुरू करा था। इसे लेकर प्रकाश ने आपत्ति ली, जिससे काम रुक गया। इसे लेकर दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी।
सलसलाई में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। उपद्रव करने वालों को दबोचने के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है।
-शैलेंद्रसिंह चौहान, एसपी