
भितरवार। विकासखंड के खोड़ गावं में वायरल व बुखार से करीब एक सैकड़ा से अधिक लोग बीमार है। गुरुवार को स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा 50 से अधिक लोगों की स्लाइडें बनाई गई थी, जिसमें 8 मरीज मलेरिया से पीड़ित निकले हैं। वहीं गुरुवार को बुखार से एक बच्ची की मौत होना भी बताया गया है। उधर, मलेरिया से पीड़ित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और शुक्रवार को सूचना मिलने पर भितरवार बीएमओ मौके पर पहुंचे और मरीजों की स्लाइटें बनाई गई। हालांकि बच्ची की मौत बुखार से हुई है इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को आशा कार्यकर्ता सुमन नरवरिया द्वारा खोर गांव में 50 लोगों की स्लाइडें बनाई गई थीं, जिसमें 8 लोग मेलेरिया से पीड़ित निकले। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और शुक्रवार को एसडीएम विजयराज के निर्देश पर बीएमओ डॉ. यशवंत शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और करीब 30 लोगों की स्लाइटें बनाई गई है। उधर, टीम ने पहुंचकर सभी ग्रामीणों की जांच कर उन्हें दवाई वितरित की है। वहीं ग्रामीणों को निर्देशित किया है कि यदि कोई भी मरीज बुखार से पीड़ित निकलता है तो उसे तत्काल भितरवार अस्पताल में भर्ती कराए। वहीं इस संबंध में बीएमओ यशवंत शर्मा ने बताया कि गुरुवार को बनाई गई स्लाइडों में कुछ मरीज मलेरिया से पीड़ित पाए गए थे, इसके बाद शुक्रवार को स्वयं पहुंचकर ग्रामीणों की जांच की गई है साथ ही कुछ लोगों की स्लाइडें भी बनाई गई है, जिनमें कुछ लोग मलेरिया से ग्रसित पाए गए है। रिपोर्ट आने के बाद भी यह पता लग सकेगा कि कितने मरीज मलेरिया से पीड़ित निकलते है।
बुखार से पीड़ित बच्ची की मौत
खोर गांव के मंडी सदस्य व ग्रामीण रामेश्वर रावत ने बताया कि पूजा 5 पुत्री लाखन सिंह की गुरुवार को बुखार और पेट में दर्द की शिकायत आने के बाद उसकी मौत हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग बच्ची की मौत बुखार से हुई है इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा है। उधर, गांव में मलेरिया से पीड़ित लोग निकलने के बाद इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता है।
इनका कहना है
स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा गांव के कुछ लोगों की जांच की गई थी, जिसमें 8 लोग मलेरिया से पीड़ित निकले हैं। इस संबंध में स्वयं गांव में पहुंचकर मरीजों की स्लाइटे बनाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा कि कितने मरीज मलेरिया से पीड़ित है। जहां तक बच्ची की मौत की बात है इस प्रकार की हमारे पास कोई जानकारी नहीं है।
यशवत शर्मा, बीएमओ, भितरवार अस्पताल डबरा