
डबरा। नईदुनिया प्रतिनिधि
कुछ दिन पहले पिछोर थानाक्षेत्र के भगेह गांव में रात के समय खेत पर सो रहे चौकीदार देवीलाल की हत्या कर भैंस चुराकर ले जाने वाले आधा दर्जन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। गिजोर्रा और शहर थाने की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर कई कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों की तलाश की, तो पुलिस के हाथ उन तक पहुंच गए। इन बदमाशों ने भगेह गांव में घटना को अंजाम देने के अलावा डबरा शहर थाने क्षेत्र के अंतर्गत हरिपुर के युवक आदिराम बघेल पर प्राणघातक हमलाकर उसकी भैंस ले जाना भी स्वीकारा है। ये बदमाश एक गिरोह के रूप में काम कर करते हैं, जो अधिकतर मंगलवार को रेकी कर बुधवार के दिन घटना को अंजाम देते थे।
एसडीओपी उमेश तोमर और डबरा शहर थाने के टीआई यशवंत गोयल ने पत्रकारों को बताया कि पिछले माह हरिपुर में आदिराम को घायल कर उसकी तीन भैंस लूट ले गए। इस मामले में मोनू खान (23) पुत्र जमालू खान साल निवासी पुरी थाना आंतरी से एक मोटरसाइकिल, तीन हजार रुपए नकदी, अमजद खान (19) पुत्र नत्थू खान निवासी पुरी थाना आंतरी से मोबाइल फोन, इश्तयाक (22) पुत्र सुबराती खान निवासी कटीली थाना जिगना जिला दतिया से फरियादी का पर्स, वोटर कार्ड, फोटो, नकदी, 5 हजार रुपए बरामद हुए है। इस मामले में तीन आरोपित सोनू बघेल निवासी पुरी थाना आंतरी, साबिर खान, दीना खान फरार हैं। इनकी पुलिस तलाश कर रही हैं। भगेह गांव में कोटवार की हत्या के मामले में कल्ला उर्फ मुनब्बर खान पुत्र इशाक निवासी शंकरपुर नई बस्ती से मृतक की डायरी, वोटर आईडी कार्ड, 500 रुपए नकदी, वाहिद पुत्र जमील निवासी शंकरपुर से पिकअप लोडिंग वाहन, 3 हजार रुपए नकदी और रामनिवास उर्फ टोपी पुत्र राजाराम बघेल निवासी पुरी से डंडा जब्त किया है। उक्त सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही हैं।
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राजस्थान तक फैला नेटवर्क, मनिया में बेची भैंसे
उक्त बदमाश लूट कर जिन भैंसों को ले गए वह राजस्थान के मनिया में लगने वाले हाट बाजार में बेची गई। इन शातिर बदमाशों के तार दूसरे राज्य तक जुड़े हैं। लूट और हत्याकांड की घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात एसएस गौर व एसडीओपी उमेश तोमर के नेतृत्व में दो टीमें तैयार की गई, इसमें एक टीम की मॉनिटरिंग सिटी थाना प्रभारी यशवंत गोयल कर रहे थे तो दूसरी टीम की मॉनिटरिंग डॉक्टर संतोष यादव और पिछोर थाना प्रभारी पप्पू यादव कर रहे थे। उप-निरीक्षक बीएल यादव, प्रधान आरक्षक गजेंद्र सिंह, आरक्षक रामवरन, आरक्षक जितेंद्र तिवारी, आरक्षक नरेंद्र पीएसआई, सहायक उप निरीक्षक विजय राजपूत, प्रधान आरक्षक कप्तान सिंह, आरक्षकों में देवव्रत, एवरन, ऋषिकेश, जगजीत, श्याम कांत, हरिमोहन, रणवीर, चालक देवेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही है।