पूर्व मंत्री इमरती देवी का बड़ा बयान... मंच से बनाई दूरी, बोलीं- "वहां हत्या के आरोपी बैठे हैं, समय सबका बदलता है"
सांसद ने स्वयं मंच से उठकर माइक संभाला और इमरती देवी को मंच पर आने के लिए बुलाने का प्रयास किया, लेकिन वे मंच पर नहीं पहुंचीं और नीचे कार्यकर्ताओं के ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 09:31:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 09:31:57 PM (IST)
सेवा संकल्प अभियान कार्यक्रम में मौजूद सांसद भारत सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री इमरती देवी व अन्य। सोशल मीडियाHighLights
- सांसद भरत सिंह कुशवाहा के बुलाने पर भी नहीं गईं मंच पर
- कार्यक्रम के पोस्टर-बैनर से भी गायब रही पूर्व मंत्री की तस्वीर
- खुद को बताया भाजपा और सिंधिया का सच्चा कार्यकर्ता
नईदुनिया न्यूज, डबरा । सेवा संकल्प अभियान के तहत जलसा गार्डन में आयोजित 'मेरा सपनों का भारत-चित्र सेवा' कार्यक्रम के दौरान उस समय राजनीतिक चर्चा तेज हो गई, जब पूर्व मंत्री इमरती देवी मंच पर नहीं पहुंचीं। कार्यक्रम के मंच पर लगाए गए बैनर में भी उनकी तस्वीर नजर नहीं आई।
सांसद के बुलाने पर इमरती देवी मंच पर नहीं पहुंची
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर सांसद भरत सिंह कुशवाहा ने स्वयं मंच से उठकर माइक संभाला और इमरती देवी को मंच पर आने के लिए बुलाने का प्रयास किया, लेकिन वे मंच पर नहीं पहुंचीं और नीचे कार्यकर्ताओं के बीच ही बैठी रहीं।
मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी भी बैठे हुए हैं...
मीडिया से बातचीत में इमरती देवी ने मंच पर नहीं जाने को लेकर कहा कि वे किसी से नाराज नहीं हैं और खुद को पार्टी की छोटी सी कार्यकर्ता मानती हैं। उन्होंने कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ताओं के बीच बैठना ही उन्हें उचित लगता है।
मंच पर बैठे लोगों को लेकर इमरती देवी ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'मंच पर हत्यारे और हत्या के आरोपी भी बैठे हुए हैं। ' उन्होंने ऐसे लोगों के साथ मंच साझा करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अच्छे लोगों के साथ बैठना पसंद करती हैं।
पोस्टर और बैनर में फोटो नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे एक कार्यकर्ता हैं और हर कार्यकर्ता का फोटो पोस्टर पर नहीं लगाया जाता।
मैं अपनी मर्जी की मालिक हूं: इमरती देवी
वहीं, बुलाए जाने के बावजूद मंच पर नहीं जाने के सवाल पर इमरती देवी ने कहा कि “मैं अपनी मर्जी की मालिक हूं।” उन्होंने समय के बदलाव को लेकर भी कहा-“समय सबका बदलता है, पहले किसी और का था, अब किसी और का है और आगे किसी और का होगा।”
इमरती देवी के इन बयानों के बाद कार्यक्रम में मंच व्यवस्था से लेकर राजनीतिक समीकरणों तक को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।