
घाटीगांव। नईदुनिया न्यूज
घाटीगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाटई गांव में एक परिवार में बेटे का जन्मदिन मनाया जा रहा था। तभी रात के समय आरोन थाने में पदस्थ दो आरक्षक वहां आ गए और उन्होंने बेटे का जन्मदिन मना रहे उसके पिता से मारपीट कर दी। जब उसकी पत्नी बचाने आई तो इन लोगों ने उसे भी नहीं छोड़ा। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की। इस घटना के बाद शुक्रवार की सुबह सभी आदिवासी गांव के सरपंच के साथ एसडीओपी कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर दिया। एसडीओपी की प्रवीण अष्ठाना की गैरमौजूदगी में उन्होंने कार्यालय के बाबू को ज्ञापन दिया है।
जानकारी के अनुसार, पाटई गांव के आदिवासी कॉलोनी में रहने वाले मुरारी आदिवासी अपनी पत्नी पार्वती के साथ अपने बेटे का जन्मदिवस मना रहे थे। रात करीब 8 बजे आरोन थाने में पदस्थ आरक्षक राममूर्ति और आकाश वहां पर आए और उन्होंने सीधे ही मुरारी से मारपीट कर दी। इसी दौरान उसकी पत्नी भी उसे बचाने आई, तो इनकी ओर से उसके साथ भी गाली गलौज कर मारपीट की गई। बाद में परिवार के अन्य सदस्य आनंद पुत्र दीवान सिंह भी आया और उन्होंने मारपीट की वजह पूछी तो उन्होंने उससे मारपीट कर दी और वहां से भाग निकले। इस संबंध में पीड़ित ने दोनों आरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए घाटीगांव एसडीओपी की गैरमौजूदगी में बाबू को ज्ञापन सौंपा है।
नशे में बताए गए थे आरक्षक
सरपंच दिलीप रावत ने बताया कि रात के समय दोनों ही आरक्षक नशे में थे। इसके चलते सभी आदिवासीयों ने मिलकर एसडीओपी कार्यालय में आवेदन सौंपा गया है। वहीं फोन पर इस घटना के बारे में एसडीओपी प्रवीण अष्ठाना को बताया है। उन्होंने कहा कि जो भी कु छ हुआ है वह लिखित में दो, मैं कार्रवाई करुंगा। इस घटना के बारे में एसपी को भी अवगत करा दिया गया है।
इनका कहना है
पाटई गांव में आदिवासी लोगों के साथ आरक्षकों की ओर से मारपीट की गई है। यह मामला मेरे संज्ञान में हैं। इस मामले की जांच की जा रही है, यदि वह दोषी पाए जाते है तो दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-प्रवीण अष्ठाना, एसडीओपी घाटीगांव।