
Damoh News : दमोह नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्यप्रदेश के दमोह में संचालित एक निजी स्कूल गंगा जमुना हायर सेकंडरी पर हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाने का आरोप लगा है। छात्रों के बोर्ड परीक्षा परिणाम का एक पोस्टर स्कूल में लगाया गया जिसमें छात्राएं हिजाब पहने हुए दिख रही थीं। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन ने अब दोबारा जांच कराने की बात कही है।
निजी स्कूल में लगे पोस्टर में छात्र-छात्राओं के जो फोटो लगे हुए हैं, उनमें सभी छात्राओं ने हिजाब की तरह दिखने वाला एक कपड़ा अपने सिर पर लपेटा है। मुस्लिम छात्राओं के साथ चार हिंदू छात्राएं भी हिजाब पहने दिख रही हैं।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो को इस मामले की जानकारी लगी तो उन्होंने ट्वीट किया कि हिंदू और अन्य ग़ैर मुस्लिम बच्चों को इस्लामिक प्रथाओं का अभ्यास करवाना भारत के संविधान के अनुच्छेद 28 का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वे दमोह कलेक्टर को नोटिस भेज रहे हैं।
दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को कोतवाली टीआइ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिलाकर एक टीम बनाई थी, जिसने इस पूरे मामले की जांच की है। अभिभावकों से बात भी हुई है। मतांतरण का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री के आदेश के बाद एक जांच टीम बनाई जा रही है जिसमें दमोह तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल होंगे। जांच रिपोर्ट गृहमंत्री को भेजी जाएगी।
स्कूल संचालक मुस्ताक खान ने बताया कि स्कूल की यूनिफार्म में स्कार्फ शामिल है, लेकिन इसे पहनने के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जाता है। स्कार्फ को हिजाब समझा जा रहा है। एसपी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि अभी तक स्कूल के किसी भी अभिभावक या छात्रा ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर राम लल्लन वागरी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पहले की गई जांच को गलत ठहराते हुए स्कूल की मान्यता रद करने की मांग की है। भाजपा नेता मोंटी रैकवार ने कहा कि हिंदू धर्म की बेटियों को जानबूझकर हिजाब पहनने पर मजबूर किया जा रहा है। ऐसे लोगों को सजा जरूर मिलनी चाहिए।

खबर फैली तो आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने एक ट्वीट किया और उसके बाद दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने इस मामले की जांच भी करा ली। जांच में मतांतरण की बात अफवाह निकली, लेकिन मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए। दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि मामले की खबर मिलने के बाद हमने कोतवाली टीआइ और कुछ अधिकारियों को मिलाकर एक टीम बनाई थी जिसने इस पूरे मामले की जांच की। अभिभावकों से बात हुई है। स्कूल प्रबंधन से भी बात हुई, लेकिन मतांतरण का मामला कहीं सामने नहीं आया।