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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Chunav 2024 : 19 अप्रैल को पांच माह में दूसरी बार दमोह आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

Lok Sabha Chunav 2024 : जिले के इतिहास में पहला अवसर है जब पांच माह के अंतराल के बाद कोई प्रधानमंत्री दूसरी बार दमोह आ रहा हो रहा है।

By Sunil GautamEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 15 Apr 2024 10:32:56 AM (IST)Updated Date: Wed, 17 Apr 2024 07:29:39 AM (IST)
Lok Sabha Chunav 2024 : 19 अप्रैल को पांच माह में दूसरी बार दमोह आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

HighLights

  1. 34 वर्षों तक कोई भी प्रधानमंत्री दमोह नहीं आया।
  2. देश के प्रधानमंत्री पीएम मोदी नवंबर में दमोह आए थे।
  3. दमोह में किसी भी राष्ट्रीय स्तर के नेता की आमसभा नहीं है।

Lok Sabha Chunav 2024 : सुनील गौतम, नई दुनिया, दमोह। विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव के बीच मात्र पांच माह का ही फासला है और इस पांच माह के फासले में ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूसरी बार दमोह आगमन हो रहा है। यह दमोह जिले के इतिहास में पहला अवसर है जब पांच माह के अंतराल के बाद कोई प्रधानमंत्री दूसरी बार दमोह आ रहा हो रहा है, अन्यथा 34 वर्षों बाद नवंबर माह में प्रधानमंत्री की हैसियत से नरेंद्र मोदी आए थे। इसके पहले 34 वर्षों तक कोई भी प्रधानमंत्री दमोह नहीं आया। ऐसी क्या स्थिति निर्मित हो रही है कि प्रधानमंत्री को अपने लोकसभा चुनाव के लिए पांच माह के बाद ही दूसरी बार दमोह आना पड़ रहा है।

देश के प्रधानमंत्री पीएम मोदी नवंबर में दमोह आए थे

उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर में दमोह आए थे और उन्होंने उस दौरान विधानसभा चुनाव के मद्दे नजर किसी भी विधानसभा के प्रत्याशी के पक्ष में कोई भी बात नहीं कही थी। उस दौरान उन्होंने मात्र तीसरी बार देश में अपने प्रधानमंत्री बनने की बात को लेकर भाजपा के पक्ष में मतदान करने की बात आम जनमानस से कही थी और अपने भाषण में उन्होंने देश के विकास और देश की योजनाओं से ही संबंधित बाते उल्लेखतीय की थी, लोकसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार भी मंच से किया था।


दमोह में किसी भी राष्ट्रीय स्तर के नेता की आमसभा नहीं

पांच माह में क्या बीजेपी को अपना जनाधार खिसकते हुए नजर आ रहा है। जिस कारण से की उन्हें दूसरी बार पांच माह के अंतराल में ही प्रधानमंत्री की आम सभा करने की आवश्यकता पड़ी। यह आकलन लगाया जा रहा था कि दमोह में किसी भी राष्ट्रीय स्तर के नेता की आमसभा नहीं होगी लेकिन जिस प्रकार से 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आमसभा की तैयारी पार्टी स्तर पर एवं प्रशासन स्तर पर की जा रही है। उससे लगभग यह तय है कि उनका आगमन हो रहा है और रविवार को बाकायदा इमलाई के मैदान में पूर्व मंत्री जयंत मलैया की उपस्थिति में कार्यक्रम स्थल का भूमि पूजन भी किया जा चुका है।

क्या भाजपा अपने जीत के प्रति आसकित है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 19 अप्रैल को होने वाली आमसभा एवं दमोह आगमन को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे है। एक और राजनीतिक समीक्षको सहित राजनीति में अपनी दखल रखने वाले नागरिकों का कहना है कि जब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल के लोगों द्वारा लोधी समाज के प्रतिनिधि को ही पार्टी ने टिकट दिया है और जहां एक और भाजपा अपनी विकास, राम मंदिर सहित सनातन के नाम पर अबकी बार 400 पार की स्थिति का नारा देते हुए जीत के प्रति परिपक्व है। उस स्थिति में प्रधानमंत्री का पांच माह में दूसरी बार दमोह आना इस बात के संकेत दे रहा है कि भाजपा प्रत्याशी कहीं ना कहीं अंदरूनी तौर पर या तो आम जनमानस से या पार्टी के नेताओं से अपने आप को खतरा महसूस कर रहे है। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी के आगमन के बाद इन नेताओं पर दबाव बनेगा और वह ईमानदारी के साथ पार्टी और प्रत्याशी का काम करेंगे।