मां रतनगढ़ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, अष्टमी पर पहुंचे सवा लाख श्रद्धालु; सोमवार को पीतांबरा पीठ पर होगा भव्य हवन
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और पीठ ट्रस्ट अध्यक्ष वसुंधरा राजे भी नवमी के हवन में शामिल होंगी। वहीं अष्टमी तिथि पर भी पीठ पर विशिष्टजन का आना जाना ल...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 09:21:50 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 09:22:27 PM (IST)
रतनगढ़ मंदिर पर की गई आकर्षक साज सज्जा। नईदुनियाHighLights
- रतनगढ़ धाम में उमड़ी भारी भीड़
- पीतांबरा पीठ पर आज होगा हवन
- सिर पर जवारे रखकर पहुंचे भक्त
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। सोमवार को नवरात्र की नवमी तिथि पर माता मंदिरों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। दतिया में भी पीतांबरा पीठ पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहेगी। नवमी तिथि पर पीतांबरा पीठ पर हवन का आयोजन होगा। जिसमें करीब सात हजार से अधिक साधक श्रद्धालु पूर्णाहूति देंगे। पीठ पर दोनों यज्ञशालाओं में हवन संपन्न होंगे। यहां सुबह हवन में शामिल होने वालों के लिए कूपन व्यवस्था की गई है। जिसमें पीठ के साधक यज्ञशाला में हवन में पूर्णाहूति देंगे। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन होगा।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और पीठ ट्रस्ट अध्यक्ष वसुंधरा राजे भी नवमी के हवन में शामिल होंगी। वहीं अष्टमी तिथि पर भी पीठ पर विशिष्टजन का आना जाना लगा रहा।
भक्तों की आस्था का अभूतपूर्व ज्वार उमड़ा
शारदीय नवरात्र मेले में इस बार रतनगढ़ माता मंदिर पर भक्तों की आस्था का अभूतपूर्व ज्वार उमड़ा। रविवार को अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि मंदिर की सीढ़ियों से लेकर आधा किमी दूर तक कतारें लगी रहीं। प्रशासनिक आंकलन के अनुसार इस दिन सवा लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे। भीड़ का आलम यह रहा कि सुबह चार बजे से लगी लाइन निरंतर चलती रही।
बता दें कि रतनगढ़ माता मंदिर बुंदेलखंड अंचल के साथ उत्तर भारत के प्रमुख शक्ति पीठों में गिना जाता है। यहां की आस्था और मान्यता श्रद्धालुओं को हर बार खींच लाती है। शारदीय नवरात्र में भी यह दृश्य सामने आया। नवरात्र के प्रथम दिन से लेकर अब तक यहां नौ लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
अष्टमी पूजन के लिए महिला श्रद्धालुओं की लगी भीड़
दतिया में भी बड़ी माता मंदिर पर भी अष्टमी पूजन के लिए महिला श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। अलसुबह से ही महिलाएं अष्टमी पूजन के लिए मां विजयाकाली के दरबार में पहुंची। जहां मां का जलाभिषेक कर उन्हें हलुआ अठवाई, चने और नारियल का प्रसाद अर्पित किया गया। कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में ही कन्याओं को भोज भी कराया। यहां लगे मेले में भी पूरे दिन दुकानों पर भीड़ लगी रही।
मां के दरबार में अर्पित किए जाएंगे जवारे
सोमवार को यहां नवमी पूजन के साथ जवारे मां के दरबार में अर्पित किए जाएंगे। यहां भी पूजन और हवन का आयोजन होगा। इसे देखते हुए मंदिरों पर पुलिस के प्रबंध किए गए हैं। भांडेर स्थित रामगढ़ काली माता मंदिर भी नवमी के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रहेगी।
जबारे अर्पित करने पहुंचे श्रद्धालु
रविवार को अष्टमी तिथि के अवसर पर जबारों की सर्वाधिक संख्या रतनगढ़ माता के दरबार पहुंची। अनेक श्रद्धालुओं ने इसी दिन मंदिर परिसर में होम भी किया। सोमवार को नवमी पर भी जबारों का यहां आना जारी रहेगा। इस दिन मंदिर पर भीड़ ज्यादा रहेगी क्योंकि रतनगढ़ पर सोमवार का दिन खास माना जाता है, ऐसे में नवरात्र के सोमवार पर श्रद्धालुओं की भीड़ यहां उमड़ेगी। घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस धाम पर प्रशासन ने विशेष प्रकाश व्यवस्था की। रात में मंदिर और पहाड़ी पर की गई रोशनी ने ऐसा दृश्य बनाया कि दूर-दूर तक पहाड़ियां जगमगा उठीं।
पार्किंग हुई फुल, वाहनों का लगा रैला
रतनगढ़ पर श्रद्धालुओं की भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 100 हेक्टेयर क्षमता वाले दूल्हादेव और बसई पार्किंग क्षेत्र रविवार की सुबह पूरी तरह भर गए। कलेक्टर स्वप्निल वानखडे व एसपी सूरज वर्मा स्वयं धाम का दौरा कर यहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं। वहीं एसडीएम अशोक अवस्थी, एसडीओपी दिव्या राजावत, तहसीलदार दीपक यादव लगातार मंदिर परिसर में भ्रमण पर रहे। मेले में 64 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही थी। कंट्रोल रूम में प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही हैं और अनाउंसमेंट के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने की उद्घोषणा भी लगातार जारी है।
आस्था के आगे ऊंचाई भी लगी कम
रतनगढ़ माता के दरबार में आने वाले भक्तों की आस्था अद्भुत रही। 150 सीढ़ियों वाली खड़ी चढ़ाई को महिलाएं सिर पर जवारे रखकर सहजता से पार करती रहीं। अनेक भक्त मुंह में सांग पिरोकर और हाथ में मोरपंख लिए हुए माता के जयकारे लगाते पहुंचे। वहीं कई श्रद्धालु कनक दंडवत कर पूरे मार्ग पर लेट-लेटकर माता के चरणों तक पहुंचे। बुंदेलखंड अंचल की विशेष परंपरा अनुसार भक्त मन्नत के जवारे बोकर माता के दरबार में चढ़ाते हैं।
यहां न केवल सेंवढ़ा क्षेत्र से, बल्कि मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और अन्य राज्यों से भी टोलियों में भक्त पहुंचे। महिलाओं ने घूंघट की आड़ में जगह-जगह भजनों पर नृत्य किया। पर्वत शृंखला जय माता दी के जयघोष से गूंजती रही। कुंअर बाबा मंदिर भी आस्था का यही हाल देखने को मिला।