
Datia News: दतिया/सेवढ़ा . नईदुनिया प्रतिनिधि। बस की टक्कर से घायल हुए युवक की मौत को लेकर उसके स्वजन ने मंगलवार शाम दतिया-सेवढ़ा स्टेट हाइवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब एक सैकड़ा ग्रामीण व मृतक के स्वजन इस मामले में दोषियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज न किए जाने से नाराज था। जिसके चलते विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्होंने भगुवारामपुरा के समीप कुटीर कालोनी चरोखरा पर करीब दो घंटे तक सड़क घेरे रखी।
जाम के दौरान महिलाएं सड़क पर ही बैठ गई। ऐसी स्थिति में रास्ता बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। बताया जाता है कि जाम के कारण एक एंबुलेंस भी फंसकर रह गई। जिसे बाद में किसी तरह निकलवाया गया।
बिलखती मां ने की आरोपितों पर एफआइआर करने की मांग
महिलाओं के साथ बिलखती मां बेनीबाई बरेठा अपने बेटे रवि बरेठा की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर एफआइआर दर्ज करने की मांग कर रही थी। मृतक की मां बेनीबाई का कहना था कि 28 अप्रैल को जिस बस ने उसके बेटे को कुचला उस पर मामला कायम करने में पुलिस देरी कर रही है। इसके साथ मौजूद ग्रामीणों का कहना था कि 10 दिन तक जब मृतक रवि, जीवन मौत से लड़ता रहा तो किसी ने भी उसकी सुध नहीं ली। पुलिस ने बस के मालिक व चालक नाम से एफआईआर नहीं काटी। कई बार थाने आकर संबंधितों ने चक्कर भी लगाए, लेकिन पुलिस ने कोई गौर नहीं किया।
गांव की महिलाओं को लेकर घेर ली सड़क
बीच सड़क पर शव के पास बैठी मृतक की मां ने बताया कि उसके पति प्रकाश बरेठा की मौत पहले ही हो चुकी थी। अब बेटे की मौत के बाद बहु भी रो-रोकर बेहोश अवस्था में घर पर पड़ी है। कोई सहारा नहीं दिखा तो गांव की महिलाओं को लेकर वह शव लेकर सड़क पर आ गई। सूचना मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण भी समर्थन में आगे आ गए। इसके बाद कुछ क्षेत्रीय नेता भी वहां पहुंच गए। लगभग एक घंटे बाद जाम की सूचना मिलने पर पुलिस व अधिकारी मौके पर आए। ग्रामीणाें की भीड़ को पुलिस ने शांत करने का प्रयास किया।
आश्वासन के बाद मानें ग्रामीण
सड़क पर जाम लगाए बैठी महिलाएं व ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीओपी अखिलेश पुरी ने एफआईआर में बस नंबर लिखने का आश्वासन उन्हें दिया। जिसके बाद शव को उठाकर जाम खोला गया। इस बीच सेवढ़ा दतिया स्टेट हाईवे डेढ़ से दो घंटे तक जाम की स्थिति में रहा। बता दें कि 28 अप्रैल रात लगभग 8.45 बजे रवि पुत्र प्रकाश बरेठा निवासी रामपुरा खेत से घर की ओर जा रहा था। इस बीच भगुवारामपुरा में स्थित पेट्रोल पंप से गुजरते वक्त सामने से आ रही कान्हा बस ने उसे टक्कर मार दी। गंभीर घायल रवि को सेवढ़ा सिविल अस्पताल लाया गया। जहां से उसे पहले दतिया फिर ग्वालियर रैफर किया गया था।
एंबुलेंस का इंतजार जान पर पड़ा भारी
फरियादी पक्ष के अनुसार प्रथम दृष्टया अगर रवि को समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध हो जाती और उसे सेवढ़ा से ग्वालियर जल्दी भेजा जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। ग्वालियर पहुंचने के बाद से ही रवि अचेत अवस्था में रहा और अंततः उसकी मौत हो गई।
लाया गया सेंवढ़ा अस्पताल
ग्रामीण व मृतक के स्वजन के मुताबिक घटना के तत्काल बाद रवि को सिविल अस्पताल सेवढ़ा लाया गया था। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद एम्बुलेंस 108 को संपर्क किया तो उसके आने में डेढ़ घंटे का समय लगा। इस मामले में प्रभारी मेडीकल आफीसर डा.शरद यादव के अनुसार उन्होंने एम्बुलेंस के लिए डायल 108 के लिए फोन किया था। फोन पर बताया गया कि सेवढ़ा की गाड़ी विजी है। फोन पर लोकेशन देखी गई तो दतिया की गाड़ी सेवढ़ा के आसपास थी, पर चालक ने कहाकि उसकी गाड़ी का आक्सीजन पाइप फटा है। इसके बाद तीसरी एम्बुलेंस भेजने की बात हुई पर उसके आने में डेढ़ घंटे का वक्त लग गया। तब तक रवि का अधिक खून बह चुका था। इसके बाद उसे दतिया मेडीकल भेजा गया। यहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो देर रात तीन बजे वह दतिया से ग्वालियर के लिए रेफर किया गया।
बस नंबर दर्ज न करने से हुआ हंगामा
फरियादी मां बेनीबाई का कहना था कि बेटे को दतिया की ओर से आ रही कान्हा बस ने टक्कर मारी थी। लेकिन पुलिस ने कान्हा बस चालक से पूछतांछ की तो उसने अनिभिज्ञता जाहिर की। बेनीबाई का कहना था कि वह शुरू से ही कान्हा बस का नाम ले रही थी। पुलिस ने बगैर वाहन नंबर के एफआईआर दर्ज कर ली और मौत के बाद एफआईआर में वाहन नंबर न होना विवाद की जड़ बन गई।
सूचना मिलने पर पहुंचे और कराया समाधान
थाना पुलिस फरियादी को ठीक से कन्वेंस नहीं कर सकी, शायद इसलिए फरियादी पक्ष में अविश्वसनीयता आ गई। आमतौर पर बयानों में वाहन नंबर आ जाता है। जाम की सूचना मिलने पर स्वयं पहुंचकर शिकायत का समाधान कराया दिया है। एफआईआर में कान्हा बस क्रमांक एमपी 32 पी0627 भी दर्ज कर लिया गया है।
अखिलेशपुरी गोस्वामी, एसडीओपी सेवढ़ा