दतिया उपचुनाव: कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती, शपथपत्र में जानकारी छिपाने का आरोप
अप्रैल में कांग्रेस के ही विधायक रहे राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता चले जाने के बाद दतिया में जुलाई माह में उपचुनाव हुए थे। जिसमें कांग्रेस के घनश...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 04:29:19 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 04:29:52 PM (IST)
कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह।HighLights
- शपथपत्र में आपराधिक मामला छिपाने का आरोप
- शपथपत्र में आपराधिक मामला छिपाने का आरोप
- हाईकोर्ट सुनवाई के बाद तय होगी आगे की स्थिति
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। करीब डेढ़ माह बाद ही एक बार फिर दतिया विधानसभा सीट फिर कानूनी पेंच में फंसती नजर आ रही है। यहां से चुने गए कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह की सदस्यता को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में दतिया के भाजपा नेता और वकील दीपक बेलपत्री ने याचिका दायर की है।
कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। दीपक बेलपत्री ने अधिवक्ता शिवम गौतम के माध्यम से 17 सितंबर को एक याचिका दायर कराई है। याचिका में आरोप है कि घनश्याम सिंह ने उपचुनाव के दौरान दाखिल चुनावी शपथपत्र में वर्ष 1991 में दर्ज एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी।
1991 में दर्ज एक अन्य प्राथमिकी का उल्लेख नहीं
याचिका के मुताबिक घनश्याम सिंह ने अपने शपथपत्र में दो आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी, लेकिन वर्ष 1991 में दर्ज एक अन्य प्राथमिकी का उल्लेख नहीं किया। यह मामला पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए चक्काजाम से जुड़ा बताया गया है।
जानकारी के अनुसार 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में झांसी चुंगी, किला चौक सहित कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम हुए थे। इस दौरान करीब 22 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने और उनमें घनश्याम सिंह का नाम शामिल होने का दावा याचिका में किया गया है।
बता दें कि अप्रैल माह में कांग्रेस के ही विधायक रहे राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता चले जाने के बाद दतिया में जुलाई माह में उपचुनाव हुए थे। जिसमें कांग्रेस के घनश्याम सिंह विजयी रहे और वर्तमान विधायक हैं। घनश्याम सिंह ने उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराया था। तीन अगस्त को परिणाम घोषित होने के बाद घनश्याम सिंह विधायक निर्वाचित हुए।
याचिका के बाद चर्चाएं तेज
हाईकोर्ट में याचिका दायर होने का अर्थ यह नहीं है कि घनश्याम सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई है। फिलहाल वे दतिया से विधायक हैं। याचिका में लगाए गए आरोपों पर अदालत में सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित रूप से जानकारी नहीं देने का कानूनी प्रभाव क्या है।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दतिया विधानसभा सीट पर दोबारा उपचुनाव की कोई संभावना बन सकती है। लेकिन घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद दतिया सीट एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया के केंद्र में आ गई है।