
दतिया। भांडेर के चंद्रोल गांव में मलेरिया का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार को एक किशोर ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। हालांकि किशोर गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भांडेर में इलाज के लिए गया था, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही दिखाई, जिससे किशोर की मौत हो गई। वहीं गांव में कई लोग बुखार की चपेट में है।
चंद्रोल गांव में 12 से अधिक लोग बीमार हैं, गांव के सुनील यादव का कहना है कि अधिकांश लोगों को फेल्सीफेरम मलेरिया निकल रहा है। उनकी पत्नी क्रांति देवी भी बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा 13 वर्षीय आंकाक्षा पुत्री कोमल सिंह यादव, 6 वर्षीय आकाश पुत्र रामनरेश, हरनारायण की पुत्री एवं 12 वर्षीय निधि पुत्री राजकुमार यादव समेत लगभग डेढ़ दर्जन लोग बुखार की चपेट में हैं। इनमें से कुछ लोगों का इलाज भांडेर के अस्पताल में चल रहा है। लेकिन भांडेर में इलाज सही नहीं होने की वजह से कई लोग झांसी के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
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डॉक्टरों की लापरवाही से किशोर की मौत -
गांव के देवेंद्र 16 पुत्र नंदकिशोर अहिरवार को बुखार की श्किाायत थी। गुरुवार को वह अपने परिजनों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भांडेर आया। लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसकी बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया। डॉ. डीके सोनी ने उसका चेकअप किया, चैकअप के दौरान डॉ. सोनी ने मलेरिया टेस्ट व उसे कुछ दवाएं दे दीं। वहीं मलेरिया टेस्ट के दौरान रिपोर्ट के लिए उसे अगले दिन बुलाया और जो दवाएं अस्पताल से दी गई थी उससे उसे आराम नहीं मिला, जिससे शुक्रवार को उसकी हालत और बिगड़ने लगी, सुबह के वक्त वह रिपोर्ट लेने एवं डॉक्टर को दिखाने अपनी मां व बहन के साथ अस्पताल आ रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
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इकलौता पुत्र था देवेंद्र
16 वर्षीय देवेंद्र माता-पिता का इकलौता पुत्र था। देवेंद्र की पांच बहनें थी। देवेंद्र की मौत की जानकारी जैसे ही परिजनों को लगी अस्पताल में विलाप शुरू हो गया। इकलौते भाई व बेटे को खोने के गम में मां व उसकी बहिन बदहवास हो गई। उसने डॉक्टरों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। लेकिन उनकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी।
इनका कहना है
देवेंद्र को बुखार की शिकायत थी। जिसके बाद मलेरिया टेस्ट के लिए लिखा था। शाम को रिपोर्ट लेकर दिखा देना चाहिए था। फिर भी उसे कुछ दवाएं दी थी, और टेस्ट के दौरान एक खुराक भी दी जाती है। लेकिन बताया जा रहा है उसने दवाएं नहीं ली। अस्पताल से आते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। चंद्रोल के कुछ और ग्रामीणों को बुखार की शिकायत है। गांव में सर्वे कराने के लिए निर्देश दिए हैं।
-डॉ. डीके सोनी, बीएमओ
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भांडेर