दतिया में नींव की खोदाई में मिले अकबरकालीन चांदी के 4 सिक्के, 'दीन-ए-इलाही' से जुड़ाव के संकेत
सिक्कों के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए पुरातत्व विभाग अब उस स्थल का निरीक्षण करेगा, जहां से ये प्राप्त हुए हैं। इससे क्षेत्र में अन्य पुरावशेषों की मौ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 08:52:08 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 08:52:39 PM (IST)
अकबरकालीन चांदी के सिक्के जो दतिया कलेक्टर को सौंपे गए हैं।HighLights
- भरतगढ़ में खंडहर मकान से बरामद हुए ऐतिहासिक सिक्के
- सिक्कों पर फारसी लेख और आगरा-लाहौर टकसालों के नाम
- पुरातत्व विभाग की टीम जल्द करेगी घटनास्थल का निरीक्षण
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया शहर के भरतगढ़ क्षेत्र में एक खंडहर मकान की नींव खोदे जाने के दौरान चांदी के चार सिक्के मिले हैं। प्रारंभिक अध्ययन में इन सिक्कों का संबंध मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल और दीन-ए-इलाही से जोड़ा जा रहा है। सिक्कों के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए पुरातत्व विभाग अब उस स्थल का निरीक्षण करेगा, जहां से ये प्राप्त हुए हैं। इससे क्षेत्र में अन्य पुरावशेषों की मौजूदगी का पता लगाने में भी मदद मिल सकती है।
भरतगढ़ निवासी प्रीतम रजक के इस खंडहर मकान में नींव के लिए खोदे गए गड्ढे में ये चारों सिक्के 20 सितंबर को मिले। उन्होंने दतिया विधायक घनश्याम सिंह के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर वे प्रशासन को सौंप दिए। पुरातत्व आयुक्त मदन कुमार नागरगोजे के अनुसार, जल्द ही टीम भेजकर सिक्के मिलने वाले स्थल का निरीक्षण कराएगा। वहीं, अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से ऐसी ऐतिहासिक खोजों का गहराई से अध्ययन करने के लिए आगे आने का आह्वान किया है।
सिक्कों पर फारसी में लेख, तीन टकसालों के नाम
पुरातत्वविद् डॉ. वसीम खान के प्रारंभिक अध्ययन के अनुसार, सिक्कों के एक तरफ 'अल्लाह-हु-अकबर, जल्ले जलालहू' अंकित है। दूसरी तरफ फारसी भाषा में वर्ष और सिक्का जारी करने वाली अहमदाबाद, आगरा और लाहौर की टकसालों के नाम दर्ज हैं। डॉ. खान का कहना है कि अंकित लेख के अनुसार सिक्के मुगल सम्राट अकबर के समय के हैं, जब उन्होंने विभिन्न धार्मिक परंपराओं के बीच सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दीन-ए-इलाही की शुरुआत की थी।