• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • दतिया

दतिया के महिला बाल विकास ऑफिस में हाईवोल्टेज ड्रामा; आरटीआई की जानकारी पर भिड़े अफसर और वकील, वीडियो वायरल

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब आरटीआई कार्यकर्ता वकील शंभू गोस्वामी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभागीय अधिकारियों पर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए सूचन...और पढ़ें

By Kuldeep SaxenaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Tue, 12 May 2026 12:36:24 PM (IST)Updated Date: Tue, 12 May 2026 12:36:59 PM (IST)
दतिया के महिला बाल विकास ऑफिस में हाईवोल्टेज ड्रामा; आरटीआई की जानकारी पर भिड़े अफसर और वकील, वीडियो वायरल
नोंकझोंक करते अफसर और वकील। सोशल मीडिया

HighLights

  1. आंगनबाड़ी नियुक्तियों में गड़बड़ी का मामला
  2. दस्तावेज दिखाने पर हुआ विवाद
  3. आरटीआई के बदले विभाग ने मांगे 1.66 लाख रुपये

नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। महिला एवं बाल विकास विभाग ऑफिस में सोमवार को हंगामा मच गया। यह हंगामा उस समय हुआ, जब एक वकील सूचना के अधिकार को लेकर वहां जानकारी मांगने पहुंचे। इस दौरान वह इतने आवेश में आ गए कि उनकी जिला कार्यक्रम अधिकारी से जमकर तीखी नोंकझोंक हो गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। जो अब इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

मामले की शुरुआत ऐसी हुई

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब आरटीआई कार्यकर्ता वकील शंभू गोस्वामी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभागीय अधिकारियों पर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी। इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से उन्हें करीब एक लाख 66 हजार रुपये जमा कराने का नोटिस भेजा गया। विभाग ने यह राशि सूचना उपलब्ध कराने के एवज में मांगी थी।


वकील शंभू गोस्वामी के मुताबिक वह एक लाख 66 हजार रुपये की राशि लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कर्मचारियों से राशि जमा कर सूचना उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन कर्मचारियों ने नगद राशि लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद गोस्वामी ने दस्तावेजों का अवलोकन कराने की बात कही, जिसे लेकर डीपीओ और अधिवक्ता के बीच बहस शुरू हो गई।

वकील जब तेज आवाज में बोले तो जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय अपनी कुर्सी से उठकर उनके सामने आए और अपना कॉलर आगे करते हुए उसे पकड़ने की बात कहने लगे। उनका कहना था कि क्या मुझे मारोगे। वकील आफिस के बाहर परिसर में चिल्लाते रहे। जबकि जिला कार्यक्रम अधिकारी अपने चेंबर में चले गए। इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय का कहना था कि वकील को समझाया था कि आरटीआई की जानकारी के लिए नियमानुसार राशि जमा करने का प्रविधान है, जबकि वह उन्हें नगद देने पर जोर दे रहे थे, जब राशि नहीं ली तो इस बात पर वकील नाराजगी दिखाने लगे। फिलहाल प्रशासनिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।