दतिया में स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही, 14 घंटे बाद प्रसूता को किया रेफर, नवजात की हुई मौत
पहले भी इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही के मामले सामने आएं हैं। कुछ माह पहले इसे लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कलेक्टर ने कार्रवाई भी की थी।
Publish Date: Sun, 01 Nov 2026 10:36:07 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Nov 2026 10:36:31 AM (IST)
मृत नवजात को गोद में लिए स्वजन नाराजी जताते हुए और प्रसूता। सोशल मीडियाHighLights
- इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र की घटना
- स्वजन ने लगाए रुपये मांगने के आरोप
- मामला थाने पहुंचा, जांच के आदेश
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। प्रसव के दौरान नवजात की मौत को लेकर स्वजन ने हंगामा करते हुए इस मामले में संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें दोषियों पर कार्रवाई के साथ नवजात का पीएम कराने की भी मांग की गई। नाराज स्वजन का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने लापरवाही बरती। साथ समय रहते प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल रेफर नहीं किया। जिसके कारण नवजात की जान नहीं बच सकी। ये मामला इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। इस मामले में जांच कराने की बात बीएमओ ने कही है।
इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले भी आएं हैं लापरवाही के मामले
बता दें कि पहले भी इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के दौरान लापरवाही बरते जाने के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ माह पहले इसे लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कलेक्टर ने कार्रवाई भी की थी। लेकिन इसके बाद भी यहां व्यवस्थाओं में सुधार नहीं आ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी के चलते अस्पताल स्टाफ मनमानी बरतता है।
सुबह 9 बजे पहुंचा था नरेंद्र अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर
इस मामले में इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सिकरी निवासी नरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि शुक्रवार सुबह नौ बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए इंदरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा था। नरेंद्र के मुताबिक दोपहर में पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने ड्यूटी डॉक्टर सुनील कुशवाहा को जानकारी दी और जांच कराने का आग्रह किया, लेकिन डाक्टर ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया।
काफी देर बाद नर्सिंग स्टाफ ने महिला को इंजेक्शन लगाए, लेकिन उसका दर्द लगातार बढ़ता रहा। जब महिला की हालत बिगड़ी तो उसे अस्पताल स्टाफ ने जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। स्वजन का आरोप है कि सुबह से रात तक महिला का उचित उपचार न होने के कारण नवजात की जान चली गई।
14 घंटे बाद रेफर करने के लगे आरोप
स्वजन के मुताबिक इंदरगढ़ अस्पताल से रात करीब 11 बजे प्रसूता की हालत जब ज्यादा बिगड़ने लगी तो उसे स्टाफ ने दतिया जिला अस्पताल रेफर किया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद आपरेशन कर मृत नवजात को बाहर निकाला। घटना के बाद महिला की हालत भी नाजुक बताई गई है। स्वजन ने आरोप लगाया कि यदि स्वास्थ्य केंद्र में समय रहते उचित उपचार किया जाता और महिला को पहले ही जिला अस्पताल भेज दिया जाता तो यह स्थिति नहीं बनती। स्वजन के मुताबिक इंदरगढ़ से रेफर करने में स्टाफ ने 14 घंटे लगा दिए। जिससे यह हादसा हुआ।
नर्सिंग स्टाफ पर लगे रुपये मांगने के आरोप
स्वजन ने अपनी शिकायत में अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ पर सामान्य प्रसव कराने के एवज में पांच हजार रुपये मांगे जाने के भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्टाफ ने महिला को न तो सही उपचार दिया और ना ही देखभाल की। जिसके कारण नवजात की सांसे थम गई। नाराज स्वजन का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। इसीलिए उन्होंने पीएम कराने की भी मांग की है।
महिला को शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। उस समय प्रसव की स्थिति सामान्य थी। देर शाम नवजात की धड़कन धीमी होने लगी, जिसके बाद महिला को उपचार के लिए दतिया जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा था। नर्सिंग स्टाफ द्वारा पांच हजार रुपए मांगने के जो आरोप लगे हैं उनकी जांच कराई जाएगी। - रामेश्वर शर्मा, चिकित्सा अधिकारी, इंदरगढ़ खंड