
दतिया(मध्यप्रदेश)। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को ललित मोदी कनेक्शन मामले में भले ही भाजपा आलाकमान ने क्लीन चिट दे दी हो पर उन पर आया राजनीतिक संकट अभी टला नहीं है। विपक्ष मानसून सत्र में यह मामला जोरदारी से उठाने की तैयारी में है। ऐसे में राजे को संकट से उभारने श्री पीताम्बरा पीठ पर गोपनीय रूप से जप अनुष्ठान कराए जाने की चर्चा है।
अपुष्ट सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों पीठ से जुड़े पंड़ितों ने संकल्प लेकर राजनीतिक संकट को टालने जप शुरू कर दिया है। जप व अनुष्ठान कितने दिन चलेगा, यह कहा नहीं जा सकता। संभावना है कि अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर वसुंधराराजे व उनके सांसद बेटे दुष्यंतसिंह दतिया आ सकते हैं। खबर है कि रविवार को सिंधिया घराने के नजदीकी रिश्तेदार पूर्व विधायक ध्यानेन्द्र सिंह भी पीठ पर पूजा-अर्चना करने आए।
मालूम हो कि देशभर में श्री पीताम्बरा पीठ पर विराजीं मां बगुलामुखी की प्रसिद्घ राजनीतिक प्रतिष्ठा पूर्ति एवं संकट हरण देवी के रूप में है। देश की शीर्ष राजनीतिक हस्तियां पीठ पर मनोकामना पूर्ति के लिए आती हैं। वसुंधराराजे पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं तथा वह हर नवरात्र में अष्ठमी पर पीठ पर होने वाले विशेष अनुष्ठान में शामिल होने आती हैं।
बीजेपी ज्वॉइन करने से पहले पीठ पर आए थे गमांग
राजनीतिक भविष्य को लेकर दुविधा में फंसे ओडीशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरीधर गमांग ने 7 मई को पीठ पर पूजा-अर्चना कर देवी मां का आशीर्वाद लिया तथा ओडीशा पहुंचकर भाजपा ज्वॉइन कर ली।
गौर ने लगाई थी हाजिरी
पिछले सप्ताह प्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने पीठ पर मां बगुलामुखी के दरबार में हाजिरी लगाई थी। प्रदेश में मंत्री मंडल विस्तार की अटकलों के बीच मंत्री श्री गौर को मंत्री मंडल से हटाने की चर्चाएं हैं। ऐसे में पीठ पर गौर के पहुंचने को उन पर चल रहे सियासी संकट से जोड़कर देखा जा रहा है।