दतिया में न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट की सुगबुगाहट: बसई में 32,850 करोड़ की लागत से प्लांट खोलने का प्रस्ताव, ललितपुर के यूरेनियम से मिलेगी मदद
एनटीपीसी की टीम यहां निरीक्षण कर संभावनाएं तलाश चुकी है। हालांकि परियोजना स्थापित करने को लेकर अंतिम निर्णय, अधिकृत मंजूरी और भूमि चयन की स्थिति स्पष्...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 08:43:25 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 08:43:48 PM (IST)
प्रतीकात्मक इमेज।HighLights
- पानी और जमीन की उपलब्धता पर जोर
- ललितपुर में यूरेनियम के चलते बढ़ी संभावना
- 2500 एकड़ जमीन और 32 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट
कुलदीप सक्सेना, नईदुनिया, दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया स्थित बसई क्षेत्र में नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट खोले जाने की संभावना है। हालाकि इसके अलावा बिहार के बांका और ओडिशा में नबरंगपुर का भी प्रस्ताव हैं। बसई उत्तर प्रदेश से सटा है, साथ ही यहां से बेतवा नदी भी गुजरती है। ऐसे में क्षेत्र को प्रोजेक्ट के लिए संभावित स्थानों में रखा गया है।
एनटीपीसी की टीम यहां निरीक्षण कर संभावनाएं तलाश चुकी है। हालांकि परियोजना स्थापित करने को लेकर अंतिम निर्णय, अधिकृत मंजूरी और भूमि चयन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
विभिन्न सेवाओं से जुड़े लोगों को मिलेगा रोजगार
दरअसल परमाणु बिजली परियोजना जैसे बड़े औद्योगिक उपक्रम के लिए स्थान का चयन कई तकनीकी, पर्यावरणीय और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है।
इसमें पर्याप्त भूमि, पानी की उपलब्धता, भूगर्भीय स्थिति, बिजली के प्रसारण की व्यवस्था और आसपास की आबादी जैसे विषय महत्वपूर्ण होते हैं।
यदि बसई में संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो इसका प्रभाव केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। निर्माण के दौरान श्रमिकों, तकनीकी कर्मचारियों और विभिन्न सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
संयंत्र के लिए जमीन और पानी जरूरी
संयत्र के लिए स्थल चयन के दौरान जमीन की मजबूती, भूकंप की आशंका, बाढ़ का खतरा, आसपास की आबादी और पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। संयंत्र को ठंडा रखने और बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए जल स्रोत की उपलब्धता और उसकी दीर्घकालीन क्षमता का आकलन भी जरुरी है। बसई क्षेत्र उत्तर प्रदेश के ललितपुर से मात्र 52 किमी की दूरी पर है, इस पावर प्रोजेक्ट के लिए टरबाइन चलाने के लिए आवश्यक यूरेनियम का भंडार ललितपुर में पाया गया है।
प्रोजेक्ट के लिए 2500 एकड़ जमीन की होगी आवश्यकता
परियोजना में बसई और मकडारी में दो चेक डेम पानी की आपूर्ति के लिए बनाए जाने हैं। जिनका उपयोग सर्दी और बारिश के मौसम में पानी की आपूर्ति के लिए किए जाएगा। गर्मी में चार माह माताटीला डेम से पानी लेने का प्लान रहेगा। प्रोजेक्ट के लिए लगभग 2200 से 2500 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इनमें दो से चार हजार मेगावाट क्षमता का संयंत्र खोला जाना है। यह 32 हजार 850 करोड़ की लागत का प्लांट होगा। उप्र में बिजली की मांग पूर्ति के चलते यह प्रोजेक्ट लगाने की तैयारियां की जा रही हैं।