
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया: नए साल के जश्न के नाम पर सरकारी मिडिल स्कूल को ही पंचायत के जिम्मेदारों ने डांस बार बना दिया। पूरी रात स्कूल में बार बालाएं फूहड़ फिल्मी गानों पर डांस करती रही। इतना ही नहीं वहां मौजूद आयोजक भी इनके साथ डांस करते नजर आए। मामला तब चर्चा में आया जब इसका वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। अब शिक्षा विभाग इस मामले में संबंधित प्रधानाध्यापक से जबाब तलब कर रहा है।
ग्राम परासरी स्थित शासकीय मिडिल स्कूल परिसर में नए साल के जश्न को लेकर यह आयोजन किया गया था। बताया जाता है कि 31 दिसंबर की रात को भी स्कूल में जबाबी लोकगीतों का आयोजन राजेंद्र सिंह व रानी कुशवाह के बीच हुआ था। इसके अगले दिन स्कूल परिसर में बार बालाओं के डांस का आयोजन किया गया।
इस मामले के प्रसारित वीडियो में कार्यक्रम के दौरान मौजूद कुछ लोग डांसरों पर पैसे लुटाते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य सामने आने के बाद आमजन के साथ-साथ अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि स्कूल जैसे शिक्षा के मंदिरों में इस तरह के कार्यक्रम नहीं होना चाहिए।
मामले पर स्कूल प्राचार्य बलवान सिंह ने अपनी सफाई देते हुए बताया कि पंचायत की ओर से कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी गई थी। उनके अनुसार पंचायत सचिव रिंकू यादव और सरपंच नीलम परिहार ने नववर्ष के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कहकर अनुमति ली थी। प्राचार्य का कहना है कि यह आयोजन स्कूल की छुट्टी के बाद किया गया था और उन्हें बताया गया था कि कार्यक्रम में सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
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इधर वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) राजेश शुक्ला ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है और स्कूल प्राचार्य से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार का आयोजन तय नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत ही किया जा सकता है।
पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कार्यक्रम किसकी अनुमति से हुआ, अनुमति की शर्तें क्या थीं और क्या उनका पालन किया गया। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।