
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। अंचल के कमलापुर थाना मुख्यालय से करीब छह किमी दूर ग्राम जामनझिरी के जंगल में 13 मई को क्षत-विक्षत हालत में मिले महिला के शव के मामले की जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आदिवासी समाजजनों ने सोमवार दोपहर कमलापुर थाने का घेराव किया। करीब 80 से अधिक लोग पुलिस थाने के बाहर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
जमीन पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। धरना प्रदर्शन में वक्ताओं ने समाज की उपेक्षा व उनसे जुड़े मामले की जांच में ढीलपोल का आरोप लगाया। जामनझिरी के जंगल में चार माह पूर्व क्षत-विक्षत हालत में मिले महिला के शव की पहचान जईबाई के रूप में रूप हुई थी।
कमलापुर पुलिस ने शव का पीएम डॉक्टरों की पैनल से करवाया था जिसमें किसी प्रकार की संदिग्ध स्थिति की पुष्टि प्रारंभिक रूप से नहीं हुई थी। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही थी। उधर जामनझिरी के आदिवासी समाजजनों ने इस प्रकरण की जांच में लापरवाही व एक व्यक्ति को बचाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कमलापुर पहुंचकर प्रदर्शन किया। लोगों के हाथों में न्याय की मांग के नारों सहित अन्य नारे लिखी तख्तियां थीं। थाने के बाहर बैठकर दोपहर करीब सवा एक बजे प्रदर्शन शुरू किया गया।

धरना प्रदर्शन ने बेर सिंह व अन्य वक्ताओं ने कहा समाज को न्याय के लिए आगे आना पड़ेगा। बच्चे से लेकर बूढ़ों तक को अधिकार के लिए लड़ना पड़ेगा। हम गरीब परिवार से हैं, शिक्षित हो रहे हैं, जानने -समझने लगे हैं। अधिकारों की बात कर रहे हैं संवैधानिक दायरे में, नहीं तो हमारे पूर्वज सीधे-साधे थे, उनकी उपेक्षा की गई। हम झंडे-झंडी लेकर कुछ देर के लिए नहीं आए हैं, न्याय के लिए कई दिनों तक बैठ सकते हैं।
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जिस पर आरोप, उससे कर रहे पूछताछ
डॉक्टरों की पैनल द्वारा किये गए पीएम में हत्या की पुष्टि नहीं हुई थी। मामले में मर्ग कायम कर जांच जारी है, जिस व्यक्ति पर आरोप लगाए गए हैं, उससे भी पूछताछ की जा चुकी है। समाजजन और क्या चाहते हैं, उसको लेकर बात की जा रही है। -एसएस मीणा, थाना प्रभारी कमलापुर।