
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। देवास जिले के खिवनी अभयारण्य में दो बाघों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में अभयारण्य का सबसे पुराना बाघ युवराज (टी-5) गंभीर रूप से घायल हो गया। अभयारण्य प्रबंधन ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए घायल बाघ युवराज का पूरे एसओपी के तहत रेस्क्यू किया और उपचार के लिए भोपाल के वन विहार भेज दिया।
जानकारी के अनुसार अभयारण्य दोनों बाघों में संघर्ष अभयारण्य के ग्रास लैंड में हुआ था। यहां कक्ष क्रमांक 208 से घायल नर बाघ टी-5 को शनिवार को रेस्क्यू किया गया है। यह संयुक्त रेस्क्यू आपरेशन अभयारण्य अधीक्षक विकास माहोरे, स्थानीय वन स्टाफ और वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल के वन्यजीव चिकित्सक डा. अतुल गुप्ता की टीम ने किया।
रेस्क्यू वन्यजीव नियमों के तहत निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए बाघ को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया गया और मौके पर ही उसका प्राथमिक उपचार किया गया। प्राथमिक चिकित्सा के दौरान जांच में सामने आया है कि नर बाघ वर्चस्व की जंग या इलाके पर कब्जे (टेरिटोरियल फाइट) को लेकर हुए एक हिंसक आपसी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हो गया है।
अधीक्षक विकास माहोरे ने बताया कि बाघ की नाजुक शारीरिक स्थिति को देखते हुए तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा और सघन निगरानी के लिए विशेष एम्बुलेंस और सुरक्षा व्यवस्था के साथ वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल रवाना कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार देवास जिले के खिवनी अभयारण्य में 10 से अधिक बाघ हैं। कुछ महीने पूर्व भी बाघिन मीरा और युवराज तीन शावकों के साथ अभयारण्य में दिखाई दिए थे। बता दें कि युवराज ही अभयारण्य का सबसे पुराना बाघ है और इसकी आयु लगभग 10 वर्ष बताई जा रही है। बाघों के संघर्ष को देखते हुए अभयारण्य प्रबंधन ने चौकसी बढ़ा दी है।