
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा देवास से पकड़े गए संदिग्ध आतंकी बिलाल दुर्रानी की घटना के बाद से पूरे शहर में चर्चाओं का दौर चल रहा। फिलहाल बिलाल के घर पर ताला लगा है। आसपास के लोग भी हैरान हैं। लोगों का कहना है कि दुर्रानी का व्यवहार सामान्य ही रहता था। वह कभी गुजरात रहता तो कभी देवास आता।
फिलहाल इसी बात को लेकर चर्चा हो रही। इधर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल और समस्त हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने रविवार को आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक के नाम सीएसपी सुमित अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आतंकवादियों और उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
गौरतलब है कि एटीएस ने देवास के वारसी नगर से बिलाल दुर्रानी को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि बिलाल जैश-ए-मोहम्मद के कथित माड्यूल अल जिहाद ग्रुप से जुड़ा था। बिलाल के भाई को एटीएस ने गुजरात से पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद ही टीम यहां आई और देवास पुलिस के सहयोग से बिलाल को पकड़ा। एटीएस उसे अपने साथ ले गई है।
घटना के बाद से बिलाल का परिवार भी देवास में नहीं है और बताया जा रहा है कि स्वजन गुजरात गए हैं। वारसी नगर के जिस घर में बिलाल परिवार के साथ रहता था, वह काफी पुराना है। छत की जगह चद्दर डले हुए हैं। दरवाजा भी लोहे का लगा है। अब यहां ताला लगा है और आते-जाते लोग इस घर की तरफ देखकर घटना की बात करते नजर आ रहे।
घटनाक्रम के बाद स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हुई है। अभी तक पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन एटीएस के इनपुट के बाद देवास पुलिस की मदद से ही बिलाल को पकड़ा गया था। पुलिस अब अलग-अलग टीमें बनाकर अपने स्तर पर जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार भी इस मामले पर नजर रखे हुए है।
देवास के लिए यह घटना इसलिए भी बड़ी है क्योंकि 2008-9 में सिमी आतंकवादियों का भी देवास कनेक्शन सामने आया था। 2009 में सिमी आतंकवादियों ने मप्र के अलग-अलग जिलों में डकैती की थी, जिनमें देवास भी शामिल था। देवास के विजयागंज मंडी स्थित बैंक में डकैती की थी। चार से पांच लोग घटना में शामिल थे। देवास के आनंद नगर इलाके में किराए के मकान में रहकर रैकी की थी।
रविवार को विश्व हिंदू परिषद , बजरंग दल और समस्त हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के विरोध में प्रदर्शन किया। सीएसपी सुमित अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आतंकवादियों और उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।
ज्ञापन में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियां, स्लीपर सेल और राष्ट्रविरोधी ताकतों की सक्रियता चिंता का विषय है। संगठन का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व स्थानीय स्तर पर आतंकवादियों को शरण, आर्थिक सहायता और अन्य तरह का सहयोग दे रहे हैं। इससे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। देवास के वारसी नगर क्षेत्र से पकड़े गए एक संदिग्ध युवक के मामले का भी उल्लेख किया।
ज्ञापन में इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। संदिग्ध युवक के मकान पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उसे शरण, सहयोग या किसी भी तरह की मदद देने वाले लोगों की भी जांच की जाए। जिले और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध रूप से रह रहे बाहरी लोगों और किरायेदारों का सघन सत्यापन करवाने की मांग की।