
देवास। लापरवाही की आग में सुलगे देवास में एक निर्दोष एमबीए छात्र की जान चली गई। उसे मारने वाले एक संगठन के लोग थे। महज आपसी विवाद को लोगों ने दंगे की शक्ल देकर अफवाह फैला दी। अफवाह इस कदर उड़ी की पूरा शहर उसकी चपेट में आ गया। अफवाह से चंद मिनट पहले छात्र दोस्त की शादी में जा रहा था। अफवाह से डरकर छात्र ने खुद को बचाने के लिए खारी बाबड़ी की गली में बाइक मोड़ी। वहीं उसी अफवाह के चलते लोग मरने-मारने के लिए उतारु हो गए। वह सड़क पर उतर आए। गली से गुजर रहे छात्र को घेरा और तलवार व चाकू से उस पर वार कर दिए। पुलिस आई तब तक उपद्रवी वहां से भाग चुके थे।
अर्जुन नगर का 25 वर्सीय नरेंद्र पिता रामचरण राजोरिया इंदौर आईआईपीएस कॉलेज से एमबीए प्रथम वर्स की पढ़ाई कर रहा था। घर की माले हालत ठीक नहीं होने के कारण नरेंद्र पढ़ाई के साथ ऑफिस में जाकर डाटा इंट्री का भी काम करता था। शाम करीब साढ़े 7 बजे नरेंद्र दोस्त की शादी में शरीक होने जा रहा था। पुलिस का कहना है कि शुक्रवारिया हाट बाजार में हुए आपसी विवाद के चलते लोगों ने उसे दंगे कास्र्प दे दिया। शहर में दंगा फैलने की खबर इस तरह उड़ी कि लोग सहम गए।
नरेंद्र ने डर के कारण अपनी बाइक खारी बाबड़ी और मालीपुरा इलाके की गलियों में डाल दी। वह वहां से गुजर रहा था कि एक समुदाय के लोग अफवाह के चलते ही सड़क पर उतर आए थे। सभी हथियारबंद थे। उन्होंने नरेंद्र को रोककर उस पर हमला किया।
दोनों पैर में तीन वार किए। एक गुप्तांग के पास लगा। हमले के बाद नरेंद्र मौके पर ही तड़पने लगा और बेहोश हो गया। भीड उसे मरा छोड़ भागने लगे। उपद्रव की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने नरेंद्र को जीप में डालकर अस्पताल पहुंचाया। उसकी गंभीर हालत देख डॉक्टर ने बांबे अस्पताल रैफर कर दिया। देर रात 1:20 बजे उसकी मौत हो गई।
मारने से पहले इलाके की लाइट बंद की
एक प्रन्यक्षदर्शी ने बताया कि शाम करीब 7 बजे थे। अफवाह चली कि दंगा हो गया। हम संभल पाते इससे पहले डेढ़ सौ से ज्यादा लोग खारी वाबड़ी से भागते हुए मालीपुरा की ओर आए। पास में ट्रांसफार्मर था। पत्थर मारकर फेस उडाया।इस तरह लाइट बंद कर अंधेरा किया। रास्ते से एक लड़का (नरेंद्र) बाइक लेकर निकल रहा था। उसे घेरकर हथियारबंद उपद्रवी उस पर टूट पड़े।
9 दिन से चल रही छुटपुट हिंसा को किया अनदेखा
धारा 144 लागू होने के बाद भी इस तरह चला लापरवाही का दौर
शहर में एक महीने से धारा 144 लगी हुई है। इसे 31 जनवरी तक इसे लगाया गया था। बावजूद शहर में धर्म और धार्मिक यात्राओं में विवाद हुए। विवाद की गूंज के बाद भी प्रशासन नहीं जागा। लगातार लापरवाहियां की गई। पुलिस प्रशासन हो या जनप्रतिनिधी किसी ने इस सुलगती आग को बुझाने की जहमत नहीं उटाई। यदि संवेदनशील इलाकों को चि-त कर पुलिस बल तैनात हो जाता तो दशहतगर्दी करने वाले सड़क पर नहीं आ पाते। आखिरकार नतीजा यह रहा कि शहर की फिजा खराब हो गई। खून बहा। कत्लेआम हुआ।
- 7 जनवरी को मोती बंगला ग्राउंड में दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद। दोनों पक्षों के लोगों की भीड़ जुट गई। सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया।
- 8 जनवरी को हिंदू संगठन के लोग फिर इकट्ठा हुए। उन्होंने कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए पक्षपात का आरोप लगाया। टीआई जयगोपाल चौकसे को हटाने की मांग की गई।
- 10 जनवरी को हिंदू संगठन ने शौर्य यात्रा निकाली। पुलिस के साए में निकली इस यात्रा जब शेख क्लब चौराहे पर पहुंची तो वहा विवाद उपजा। एक वर्ग विशेष युवक के साथ मारपीट हुई। इसके बाद डेढ़ सौ लोगों ने आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ की। इसमें भी सिटी कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में विहिप के पदाध्ािकारी नमित करवे सहित 19 लोगों को भी गिरफ्तार किया था।
- 14 जनवरी को टीआई को निलंबित करने और एक समुदाय के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हिदू संगठन ने व्यापार बंद करने का आव्हान किया था। बंद के आह्ववान पर हंगामा हुआ। सिविल लाइन जहां कलेक्टर व एसपी के बंगले है वहां सुबह 10 बजे हंगामा करने वालों ने एक निजी कॉलेज बस को फोड़ा। दोपहर डेढ़ बजे उज्जैन रोड तिराहा पर जिनकी दुकानें खुली थी उन पर पथराव किया गया। इन दोनों जगहों पर पुलिस पहुंची तो लेकिन देर से।
- 15 जनवरी यानी शुक्रवार का दिन। एक तो जुम्मा उस पर इसी दिन सक्रांति का त्यौहार था। छुटपुट हिंसा के इस दौर में शाम को शुक्रवारिया हाट बाजार में रंजिश के चलते कालूराम पर रियाज, अशफाक व एजाज ने हमला कर चाकू से हमला किया। शहर में चल रही छुटपुट हिंसा के इस दौर में रंजिश को लोगों ने धर्म से जोड़ा। अफवाह उड़ी और उपद्रव हो गया। मीट बाजार पास में था। जब मीट व्यापारी भी दुकान छोड़कर भागे तो लोगों को लगा कि मवेशी के खून से सने लोग मारने दौड़ रहे है।
बेडलक फॉर मी
- सप्ताहभर से चल रही छुटपुट घटनाओं को नजर अंदाज किया गया। इस मामले में कहां गलती हुई।
एसपी- हमने पहले भ्ाी प्रयास पूरे किए थे। अब शहर में शांति है। पहले जो घटनाएं हुई उसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही थी। दरअसल, शुक्रवार को मैं गांव के थानों के लिए निकला था। उसके बाद यह घटना हो गई।
- आपके आने के बाद ही यह हुआ। पहले इस शहर में अमन था। घटनाओं को अनदेखा करने में कोई गलती हुई है। आपको नहीं लगता।
एसपी- मेरे ज्वाइन करने से पहले ही छुटपुट हिंसा हुई थी। मैं शहर की गलियां और लोगों को समझ रहा था। इस बीच ही यह घटना हो गई। गुडलक फेॉर मी।
- शहर में पुलिस सिर्फ एक ही इलाके में नजर आई। बाकि अन्य इलाकों में भीड़ और माहौल अभी भी गरम है। वहां पुलिस पेट्रोलिंग करते नजर नहीं आई। ऐसे में दंगा भड़क सकता है
एसपी- वैसे खारी बावड़ी में ही हमने कर्फ्यू लगाया है। बाकि अन्य इलाके शांत है। वहां इतनी जस्र्रत नहीं है। बावजूद टीम पेट्रोलिंग कर सब पर नजर रख रही है।
- अब आपकी आगे की क्या प्लानिंग।
एसपी- पूरी जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच एअसपी राजेश रघुवंशी को सौंपी गई है। जो दोषी हांेगे उन पर कार्रवाई होगी।
शशिकांत शुक्ला, एसपी देवास
विभागीय अफसरों की लापरवाही जांच के बाद होगी तय
- जांच रिपोर्ट में अभी तक क्यां पाया गया।
एएसपी- मोती बंगला से शुरू हुए विवाद को हम जांच कर रहे है। वहां दोनों पक्षों में जो विवाद हुए। उनके बयान लिए जा रहे है।
- कितनों के बयान हुए।
ए एसपी- अभी एक पक्ष के बयान ले पाए है। बाकि दूसरा पक्ष अभी आया नहीं है। उन्हें सूचना दे दी है। वह भी जल्द आ जाएंगे।
- आपको नहीं लगता कि पुलिस ने बड़ी लापरवाही बरती जिसमें एक निर्दोष की जान चली गई।
एएसपी- हम्मम। कुछ तो हुई है।
-एक ही थाना क्षेत्र यानी सिटी कोतवाली थाना में लगातार बड़ी घटनाएं हुई। मोती बंगला, फिर शेख क्लव और अब खारी वाबड़ी पर बड़ा उपद्रव हुआ। यह टीआई की लापरवाही नहंी है।
ए एसपी- हम इसकी जांच करा रहे है।
टीआई पर भी विभागीय कार्रवाई होगी।
एए सपी- सभी घटनाओं की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यदि उसमें कोई दोषी पाया गया तो वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश के बाद कार्रवाई होगी। - राजेश रघुवंशी, एअसपी देवास