
नईदुनिया न्यूज, पुंजापुरा (देवास) । आदिवासी बहुल क्षेत्र आदर्शनगर पीपरी की रहने वाली कक्षा दसवीं की छात्रा के दोनों हाथ कोहनी तक जन्म से ही नहीं हैं। इस लाचारी को उसने अपनी किस्मत समझकर समझौता नहीं किया बल्कि अपने हौसले से कोहनियों को ही अपने हाथ बनाए और पढ़ाई-लिखाई जारी रखी।
बोर्ड परीक्षा देने के लिए यह छात्रा शांता पुत्री कमल सिंह सोलंकी पीपरी से पेपर वाले दिन पुंजापुरा हायर सेकंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र आ रही है। वो पुंजापुरा के ही स्कूल की छात्रा है। शांता उच्च शिक्षा ग्रहण कर कलेक्टर बनना चाहती है। अपनी दोनों कोहनी की मदद से वह लिखती है।
कक्षा आठवीं में उसने 85 अंक प्राप्त किए थे। कोहनी से लिखने के बावजूद उसकी हिन्दी, इंग्लिश की राइटिंग बहुत ही सुंदर है। इसके अलावा गोले लगाने में निश्चित स्थान पर ही गोले लगाती है। कोहनियों की मदद से पेन चलाना, पेन निकालना, कापी के पेज पलटना, मोबाइल को आपरेट करना, मोबाइल के नंबर निकालना, की बोर्ड चलाना सब काम आसानी से कर लेती है।