Dewas News: बारिश से पहले शुरू हो सकता है देवास में अंडरपास से आवागमन
Dewas News: राजाराम नगर रेलवे अंडर पास का काम अंतिम चरण में, अंडरपास शुरू होने पर हजारों लोगों को होगा फायदा। ...और पढ़ें
By Sameer DeshpandeEdited By: Sameer Deshpande
Publish Date: Mon, 19 Feb 2024 01:13:27 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Feb 2024 01:14:17 PM (IST)
रेल अंडरपास के पीएचई कार्यालय की ओर वाले हिस्से में दीवार निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास Dewas News। शहर के पश्चिमी हिस्से के रहवासियों को शहर में आने के लिए नया मार्ग जल्द शुरू होने वाला है। पटरी पार के रहवासियों की सुविधा के लिए राजाराम नगर रेलवे अंडर पास का निर्माण किया जा रहा है। करीब तीन वर्षों से चल रहा यह काम अब अंतिम चरण में है। रेलवे लाइन अंडर पास शुरू होने से पटरी पार स्थित कालोनियों के हजारों लोगों के लिए शहर के सिविल लाइन तक आना काफी आसान हो जाएगा। फिलहाल अंडरपास की एप्रोच रोड पर दीवारों के स्लैब भरने का काम किया जा रहा है।
मेंढकी रोड
रेलवे क्रासिंग को बंद कर यहां रेल ओवर ब्रिज का निर्माण काफी पहले किया जा चुका है। ब्रिज निर्माण के साथ ही यह मांग भी उठी थी कि ब्रिज के कारण राजाराम नगर, अलकापुरी, मुखर्जी नगर, विजय नगर आदि कालोनियों के रहवासियों को काफी घुमकर ब्रिज तक जाना पड़ता है, इसलिए अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। वर्ष 2022 में नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के प्रतिनिधि राहुल पवार व साथियों ने इसका भूमिपूजन कर दिया था।
हालांकि
भाजपा नेताओं ने भी भूमिपूजन किया, जिसके बाद यहां काम शुरू हो गया था। वर्षाकाल में यह काम बंद हो गया था, जिसके काफी समय बाद काम फिर से शुरू किया गया। अब यहां अंतिम चरण का काम चल रहा है, जिसमें अंडर पास को सिविल लाइन की ओर महापौर निवास तक आने वाले छोर की दीवार का स्लैब भरने का काम हो रहा है। राजाराम नगर वाले छोर का काम लगभग पूरा हो चुका है।
शहर की ओर पीएचई कार्यालय के पास तक दीवार बन रही है तथा यहां सड़क से इसको जोड़ दिया जाएगा। काम पूरा होने पर राजाराम नगर क्षेत्र से आने वाले लोग मात्र 210 मीटर का अंडरपास पार कर सीधे सिविल लाइन पहुंच जाएंगे।
तीन करोड़ से ज्यादा है लागत
नेता प्रतिपक्ष के प्रतिनिधि राहुल पवार ने बताया कि अंडर पास की ऊंचाई 4 मीटर तथा चौड़ाई 5.50 मीटर है। यह 210 मीटर लंबा अंडरपास करीब 3.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। अंडरपास के काम के दौरान बाधक बिजली के पोल हटाने के लिए भी काफी दिन तक काम रूका रहा था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दो माह में काम पूरा कर लिया जाएगा। इस अंडरपास के बनने के बाद पटरी पार क्षेत्र के निवासियों को शहर की ओर आने और वापस जाने के लिए रेल ओवर ब्रिज का एक किमी लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और आवागमन में बहुत राहत मिलेगी।