
- आरएसएस शिविर में मालवा प्रांत प्रमुख ने दी सीख
कन्नाौद। शीतकालीन युवा संकल्प शिविर के दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत प्रमुख पराग अभयंकर ने दीप प्रज्वलन कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयंसेवकों को बौद्धिक के माध्यम से देश की शिक्षा प्रणाली में व्याप्त कमियां बताई।
श्री अभयंकर ने कहा कि आज भी इतिहास में हमें सिर्फ यही पढ़ाया जा रहा है कि भारत हमेशा गुलाम रहा। सिकंदर से लेकर अंग्रेजों तक हम निरंतर किसी न किसी के गुलाम रहे। हमें महापुरुषों के पौरुष और शौर्य गाथा का पाठ नहीं पढ़ाया जाता है। इसलिए हिन्दू समाज में आज भी गुलामी की मानसिकता विद्यमान है। जबकि जिस सिकंदर ने विश्व विजेता बनने का सपना देखता था, वह एक सामान्य से भारतीय सैनिक के तीर लगने से मारा गया। हमारा देश सदैव दुनिया का मार्गदर्शक रहा है और सोने की चिड़िया वाला देश रहा है। दैनिक शाखा के महत्व को बताते हुए कहा कि देशभक्ति, समाज भक्ति, धर्म भक्ति आदि प्रशिक्षण से प्राप्त होती है। इस प्रकार के शिविर तीन, पांच व बीस दिनों के होते हैं। प्रशिक्षण हमें अनुशासन सिखाता है। यह जानकारी प्रचार विभाग के श्रीकांत गोरानी ने दी।