
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। जंगल का सुनसान रास्ता, गाड़ी का पेट्रोल खत्म और साथ में पूरा परिवार। ऐसी स्थिति में घबराहट होना स्वाभाविक है लेकिन देवास में डॉयल-112 ने साबित किया कि संकट की घड़ी में यह सेवा लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन रही है। पिछले कुछ समय में सड़क दुर्घटनाओं से लेकर प्रसव पीड़ा, बीमार मरीजों और रास्ते में फंसे लोगों तक, डॉयल-112 ने अनेक मामलों में तत्काल पहुंचकर राहत पहुंचाई है। मंगलवार को भी कन्नौद क्षेत्र के जंगल में फंसे परिवार को समय रहते मदद मिल गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम थुरिया के जंगल मार्ग पर एक परिवार की कार पेट्रोल खत्म होने से बीच रास्ते में बंद हो गई। सुनसान जंगल में फंसने के बाद परिवार ने डॉयल-112 पर मदद मांगी। सूचना मिलते ही एफआरवी-22 मौके के लिए रवाना हुई। आरक्षक राजू कुमार माली और पायलट रवि अंकेल ने मौके पर पहुंचकर परिवार से संपर्क किया, पेट्रोल की व्यवस्था कराई और वाहन चालू करवाकर परिवार को सुरक्षित रवाना किया।
इधर पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने मंगलवार को डायल-112 सेवा से जुड़े पायलटों के साथ बैठक कर उन्हें हर सूचना पर सबसे पहले और सबसे प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना, मेडिकल इमरजेंसी या किसी भी संकट की स्थिति में समय पर पहुंचना ही इस सेवा की सबसे बड़ी पहचान है। घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने, आमजन से विनम्र व्यवहार रखने और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उदयनगर : राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) द्वारा भोपाल में आईसीजेएस कार्यान्वयन और डिजिटल इंटीग्रेशन का आयोजन किया गया। इसमें नेशनल मैनेजमेंट एवं पहचान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर भोपाल को बेस्ट परफार्मर अवार्ड मिला। भोपाल जिला प्रभारी (फोरेंसिक क्राइम) राजेश भाबर निवासी नरसिंहपुरा उदयनगर को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजीव एस कालगांवकर ने भाबर को सम्मानित किया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार सिंह उपस्थिति रहे। भाबर ने कहा यह सम्मान पूरी टीम की मेहनत का है। फारेंसिक क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और मैकेनिकल प्रबंधन को प्रशिक्षित करना हमारी प्राथमिकता है ताकि न्याय प्रक्रिया में और अधिक ताकत और गति आ सके।