
नईदुनिया न्यूज, कमलापुर (देवास) : इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत ग्राम थलघेवरिया, दोस्तपुर एवं कमलापुर में निर्माणाधीन रेलवे टनल का काम उचित मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को एक बार फिर से रोक दिया।
किसानों का आरोप है कि 18 सितंबर को किए गए धरना प्रदर्शन के दौरान बागली एसडीएम शिवम यादव एवं रेलवे अधिकारी शिवहरे ने सात दिन के भीतर प्रभावित किसानों के बैंक खाते में मुआवजा राशि जमा करवाने का आश्वासन दिया था लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी राशि बैंक खातों में जमा नहीं हुई।
धरना प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर बागली एसडीएम, तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। शाम होने के बाद भी किसान धरने पर बैठे रहे। कमलापुर थाना प्रभारी एसएस मीणा ने बताया मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
उधर किसानों की मांग है कि ग्राम पोलाय, कमलापुर एवं अन्य गांव में निर्धारित गाइड लाइन के आधार पर उनकी भूमि का मूल्यांकन कर उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण रेलवे परियोजना के लिए किया जा रहा है, ऐसे में उन्हें भूमि का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा उनके खातों में जमा नहीं होता तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा और रेलवे टनल का कार्य नहीं होने दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन के दौरान किसान सुनील जाट, मनोज कानूनगो, श्याम सिंह राजपूत, अमर सिंह चौहान, बेर सिंह डावर, दगडू भाई, मुख्तार खान, मोइनुद्दीन कुरैशी आदि मौजूद रहे।
यह भी पढ़ें- इंदौर से बुधनी नई रेल लाइन में जमीन विवाद बना रोड़ा, जबलपुर दूरी घटाने वाली ₹7500 करोड़ की योजना लटकी