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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गायत्रीनगर का मार्ग उपेक्षा का शिकार

क्षेत्र की सड़कों के हाल बारिश के दौरान बेहाल हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी गायत्रीनगर से खाती धर्मशाला तक है। कई गांवों को जोड़ने वाला यह मार्ग वर्षों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। मार्ग पर गड्ढे हो रहे हैं और उनमें बारिश का पानी जमा है।

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Sun, 26 Sep 2021 05:44:58 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Sep 2021 05:44:58 PM (IST)
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गायत्रीनगर का मार्ग उपेक्षा का शिकार

सिरोल्या(नईदुनिया न्यूज)। क्षेत्र की सड़कों के हाल बारिश के दौरान बेहाल हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी गायत्रीनगर से खाती धर्मशाला तक है। कई गांवों को जोड़ने वाला यह मार्ग वर्षों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। मार्ग पर गड्ढे हो रहे हैं और उनमें बारिश का पानी जमा है। बारिश होने पर यहां पैदल निकलना भी कष्टप्रद हो जाता है। मार्ग निर्माण को लेकर कई बार रहवासियों ने जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ।

गायत्रीनगर के इस मार्ग की लंबाई सिर्फ 1200 फीट है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही इस पूरे मार्ग पर गड्ढों के रूप में नजर आती है। इस मार्ग से होकर 10 गांवों के लोग गुजरते हैं। रहवासी कहते हैं कि यहां कभी डामरीकरण भी नहीं हुआ। कभी-कभार बारिश में गड्ढों को देखते हुए मुरम व गिट्टी जरूर बिछाई गई, लेकिन यह समस्या से निजात दिलाने के लिए नाकाफी ही साबित हुई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मार्ग को पक्का करने की कई बार घोषणाएं कीं, लेकिन धरातल पर काम नहीं हुआ। इतना ही नहीं एक बार तो मार्ग निर्माण का भूमिपूजन भी हुआ, लेकिन बाद में राशि स्वीकृत नहीं हो सकी। फिलहाल तो यह मार्ग अपने कायाकल्प की राह देख रहा है।


रिश्तेदार ताना मारते हैं-

गायत्रीनगर निवासी संजय चौधरी व बंटी चौधरी ने बताया कि कई बार मार्ग निर्माण के लिए घोषणा हो चुकी है। हमें भी उम्मीद थी कि मार्ग बन जाएगा, लेकिन घोषणाओं पर किसी ने अमल नहीं किया। इस मार्ग के नहीं बनने से रिश्तेदारों के सामने भी हमें शर्मिंदा होना पड़ता है। रिश्तेदार ताना मारते हुए कहते हैं कि पहले रोड बनवा लो, फिर हमें बुलाना।

किसान नेता मुकेश बंदावाले व जीतू चौधरी ने बताया कि कीचड़ से लथपथ मार्ग पर ग्रामीणों का चलना दुभर हो चुका है। बच्चे-बुजुर्गे परेशान हो रहे हैं। दिनभर सैकड़ों वाहन मार्ग से गुजरते हैं, उन्हें काफी परेशानी होती है। क्षेत्र के विकास व लोगों की समस्या को देखते हुए जल्द ही निर्माण कार्य करवाना चाहिए।

पंचायत में नहीं है फंड-

ग्राम पंचायत सिरोल्या के सरपंच राकेश मंडलोई ने बताया कि ग्राम पंचायत में इतना फंड नहीं है, कि हम मार्ग को बना सके। यह मार्ग करीब 10 लाख रुपये की लागत से बनेगा। हमने टीएस भी जारी कर ली थी, लेकिन बाद में राशि स्वीकृत नहीं हुई। मार्ग निर्माण के लिए फिर से प्रयास करेंगे।

सड़कों का निर्माण प्राथमिकता में है-

विधायक मनोज चौधरी का कहना है कि सड़कों का निर्माण करवाना हमारी प्राथमिकता है। हाटपीपल्या विधानसभा की जितनी भी जर्जर सड़कें हैं, उनका आगामी दिनों में निर्माण करवाया जाएगा। गायत्रीनगर वाला जो मार्ग है, उस पर भी सीसी रोड बनवाएंगे।

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