*जिले के लिए बड़ी सौगात, अब विद्यार्थियों को नहीं जाना पड़ेगा इंदौर, उज्जैन या भोपाल
देवास (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शासकीय विधि महाविद्यालय में इस शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों के लिए एलएलएम पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। इस संबंध में महाविद्यालय प्रशासन के पास शासन का स्वीकृति पत्र आ गया है। अब विक्रम विश्वविद्यालय से संबद्धता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर 60 सीटों के साथ पाठ्यक्रम शुरू होगा और दो साल के इस पाठ्यक्रम की फीस बीस हजार रुपये सालाना रहेगी। देवास जिले के लिए यह बड़ी सौगात है। 1968 से विधि महाविद्यालय संचालित हो रहा है और ला में पीजी के लिए अब जाकर विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हुआ है।
दरअसल, इस संबंध में महाविद्यालय प्राचार्य ने उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त को पत्र लिखने के साथ ही पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए स्वीकृति मांगी थी। कई बार रिमांडर पत्र भी महाविद्यालय प्रशासन की तरफ से भेजे गए। अब शासन ने एलएलएम पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति दे दी है। प्रारंभिक दौर में 60 सीटों के साथ पाठ्यक्रम शुरू करने की बात महाविद्यालय प्रशासन ने कही है। इसकी अवधि दो साल है, कुल चार सेमेस्टर रहेंगे। बीस हजार रुपये प्रतिवर्ष पाठ्यक्रम की फीस रहेगी।
अब तक शासकीय केपी महाविद्यालय परिसर में विधि महाविद्यालय संचालित होता था। महाविद्यालय की नई बिल्डिंग मक्सी रोड पर बनी है और वहां महाविद्यालय शिफ्ट हो चुका है। अब पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर होने के कारण नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए महाविद्यालय प्रशासन लगा हुआ था। इसी कड़ी में एलएलएम पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति उच्च शिक्षा विभाग से मांगी गई थी। मामले में महाविद्यालय प्रशासन ने उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त को और विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति को भी पत्र लिखा था। फिलहाल महाविद्यालय में तीन साल का एलएलबी पाठ्यक्रम ही संचालित है।
विधि के प्रति बढ़ा रुझान
महाविद्यालय प्रशासन की माने तो विधि के प्रति विद्यार्थियों का बीते कुछ वर्षों में रुझान बढ़ा है। महाविद्यालय की सभी सीटों पर एडमिशन हुए है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ला करने के लिए विद्यार्थी अधिक रुचि ले रहे हैं। एलएलएम पाठ्यक्रम की अनुमति मिलने के बाद विद्यार्थियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यार्थी यहां पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में विधि के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए अच्छे विकल्प रहेंगे। वे उच्च शिक्षा ले पाएंगे। इसके लिए उन्हें इंदौर, उज्जैन, भोपाल सहित अन्य जगह नहीं जाना पड़ेगा।
पहुंच मार्ग और बाउंड्रीवाल नहीं
वहीं विधि महाविद्यालय की मक्सी रोड पर जो नई बिल्डिंग बनी है, उसमें सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्रीवाल नहीं होने के साथ ही मुख्य मार्ग से महाविद्यालय तक जाने वाली खराब पहुंच मार्ग एक बड़ा मसला है। पहुंच मार्ग खस्ताहाल होने के कारण महाविद्यालय तक पहुंचना खासा मुश्किल है। सड़क निर्माण के लिए कवायद जारी है। महाविद्यालय प्रशासन की माने तो पहुंच मार्ग बनने पर ही आवागमन सुलभ होगा।
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यूजी-पीजी में दूसरे चरण की पंजीयन प्रक्रिया पूरी
वहीं महाविद्यालयों में आनलाइन प्रवेश का दूसरा दौर शुक्रवार को समाप्त हो गया। (अंडर ग्रेजुएशन) यूजी कोर्स में प्रवेश के लिए पंजीयन का तीन सितंबर अंतिम दिन था। अब पांच सितंबर तक दस्तावेजों का सत्यापन होगा। दस सितंबर को प्रवेश सूची आएगी। 14 सितंबर तक संबंधित महाविद्यालय में विद्यार्थियों को फीस जमा करना होगी। वहीं पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 28 अगस्त पंजीयन की अंतिम तिथि थी। पीजी की दूसरी प्रवेश सूची 6 सितंबर को जारी होगी। विद्यार्थियों को 11 सितंबर तक संबंधित महाविद्यालय में फीस जमा करना होगी।
यह देवास जिले के लिए बड़ी सौगात है। इस सत्र से एलएलएम पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। शासन से पाठ्यक्रम के लिए स्वीकृति मिल गई है। अब पाठ्यक्रम की विक्रम विश्वविद्यालय से संबद्धता के लिए प्रक्रिया कर दी गई है। संबद्धता आने के बाद प्रवेश प्रक्रिया के लिए भोपाल संपर्क करेंगे। नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए जारी प्रवेश प्रक्रिया के प्रथम और द्वितीय चरण निकल चुके है, ऐसे में एलएलएम पाठ्यक्रम में सीएलसी के अंतर्गत प्रवेश देंगे। पाठ्यक्रम में 60 सीट रहेगी।
-डा. अजय कुमार चौहान, प्राचार्य
शासकीय विधि महाविद्यालय देवास