
नईदुनिया प्रतिनिधि, लोहारदा, देवास। वर्षा काल में अंचल के कई क्षेत्रों में नाले उफान पर आ रहे हैं। इस दौरान कई बाइक सवार लापरवाही करते हुए तेज बहाव से वाहन निकाल रहे हैं। बुधवार को नगर के समीप नाले के शाम घाट में नाले के पुल पर एक बाइक सवार तेज बहाव के बीच बह गया।
आसपास खड़े लोग उसे मना करते रहे लेकिन वो नहीं माना। जब पुल पर बहाव से वो अनियंत्रित होने लगा तो लोग चिल्लाए कि बाइक छोड़ दे लेकिन उसने बाइक नहीं छोड़ी और देखते ही देखते बहाव के साथ बह गया। हालांकि गनीमत यह रही कि अप्रिय घटना नहीं हुई और वो सकुशल बच गया। युवक का नाम रघुनाथ निवासी ग्राम जागठा बताया जा रहा है। उसकी ससुराल लोहारदा के समीप है। हादसा लोहारदा-भैसून मार्ग पर हुआ।
कन्नौद : बुधवार को नगर में दोपहर तीन बजे से लेकर शाम करीब पांच बजे तक झमाझम वर्षा का दौर चला। हुई। तेज वर्षा के चलते नगर की निचली बस्ती के मोहल्ले के कई मकानों में पानी घुस गया। वर्षा का यह आलम था कि नगर के कई मोहल्लो की सड़कों पर एक फीट से अधिक पानी भर गया। लगभग दो घंटे तक तेज वर्षा के दौरान नगर की सड़कें सुनसान हो गई थी। इसके बाद भी रुक-रुक कर देर शाम तक वर्षा का क्रम चलता रहा।
कृषि विस्तार अधिकारी प्रदीप इवने ने बताया कि वर्तमान में हो रही वर्षा से फसलों को फायदा है। क्षेत्र में बोवनी का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। करीब 90 प्रतिशत क्षेत्र में सोयाबीन की बोवनी की गई है तथा अन्य फसलों में मक्का एवं धान आदि भी किसानों ने लगाई है, इस वर्षा से फसलों की स्थिति बेहतर होगी। क्षेत्र के उन्नत कृषक दिनेश जाट रतवाय ने बताया वर्तमान में हो रही वर्षा फसलों के लिए अमृत के समान है।
कुसमानिया : क्षेत्र में बुधवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार वर्षा से जनजीवन प्रभावित रहा। कई क्षेत्रों में नाले उफान पर आ गए और कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। खेत पानी से लबालब भरकर तालाब जैसे नजर आने लगे। सबसे अधिक परेशानी कुसमानिया–विक्रमपुर मुख्य मार्ग पर देखने को मिली जहां मुहाई का नाला उफान पर आने से कई घंटे तक आवागमन पूरी तरह बंद रहा। सैकड़ों राहगीरों को रास्ते में रुकना पड़ा। कुछ लोग भिलाई मार्ग से लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचे जबकि कई लोगों ने जान जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच रपटा पार किया।
तेज वर्षा से खेतों में पानी भर गया है। क्षेत्र में लगभग 75 प्रतिशत बोवनी पूरी हो चुकी है लेकिन करीब 25 प्रतिशत किसान अभी भी बोवनी नहीं कर सके हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक वर्षा का क्रम नहीं थमा तो बोवनी करना संभव नहीं होगा और कई खेत खाली रह सकते हैं। वहीं जिन किसानों ने पहले ही बोवनी कर दी है वे फसलों में जलभराव से नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
खातेगांव : खातेगांव में प्री मानसून व मानसून की सक्रियता के दौरान जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यहां पिछले 24 घंटे में 115 मिमी वर्षा हुई। वहीं एक जून से लेकर 30 जून तक की स्थिति में वर्षा का आंकड़ा 400 मिमी के भी पार हो गया है। पिछले साल इस अवधि तक खातेगांव तहसील में 172 मिमी वर्षा ही दर्ज की गई थी।
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