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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बलिदानी की पत्नी को नहीं पता था कि वो नहीं रहे, रात में करवा चौथ की पूजा की; सुबह आखिरी बार पति का चेहरा देख बिलख पड़ी

देवास के संवरसी गांव में शहीद नायक संजय मीणा की अंतिम यात्रा में पूरा गांव उमड़ पड़ा। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। संजय के 10 वर्षीय पुत्र युव...और पढ़ें

By satyendra singh rathoreEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 11 Oct 2025 02:06:42 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Oct 2025 02:23:53 PM (IST)
बलिदानी की पत्नी को नहीं पता था कि वो नहीं रहे, रात में करवा चौथ की पूजा की; सुबह आखिरी बार पति का चेहरा देख बिलख पड़ी
बलिदानी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

HighLights

  1. परिवार के साथ रोया पूरा गांव, सुबह अधिकांश घरों में नहीं जले चूल्हे।
  2. संवरसी के सपूत संजय मीणा को दी गई अंतिम विदाई।
  3. नायक संजय मीणा के बलिदान की खबर पत्नी को नहीं दी गई थी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। जिन गलियों में दौड़ लगाते, खेलते-कूदते बचपन बीता उन्हीं गलियों से टोंकखुर्द तहसील के ग्राम संवरसी के बलिदानी 11वीं ग्रेनेडियर अंबाला के नायक संजय मीणा की अंतिम यात्रा शनिवार को निकली। परिवार के साथ पूरा गांव रोया। संवरसी सहित सहित आसपास के गांवों, नगरों से हजारों लोग अंतिम यात्रा में जुटे। हर किसी की आंख नम थी। सुबह गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला, दुकानें व अन्य प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे।

दोपहर करीब 12 गार्ड ऑफ ऑनर सेना के जवानों द्वारा दिया गया। संजय के 10 वर्षीय पुत्र युवराज ने गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम पर मुखाग्नि दी। इससे पहले सुबह इंदौर एयरपोर्ट से लेकर संवरसी तक सैकड़ों स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा करके संजय को श्रद्धांजलि दी। पूरे रास्ते देशभक्ति के तराने व संजय मीणा अमर रहे, के नारे गूंजते रहे।


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गांव में शव पहुंचा तो पत्नी पूनम मीणा, माता पार्वतीबाई मीणा बार-बार बदहवास होती रही जिन्हें संभालना मुश्किल हो गया। संजय के बलिदान होने की जानकारी पत्नी को नहीं दी गई थी, उन्होंने शुक्रवार को करवा चौथ का व्रत, पूजन किया। शनिवार सुबह उनको संजय के इस दुनिया में नहीं होने के बारे में बताया गया।

बलिदान स्मारक व द्वार बनाएंगे, स्कूल का नाम होगा संजय के नाम

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अंतिम संस्कार में शामिल हुए सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने ग्रामीणों से कहा संजय की स्मृति को स्थायी बनाए रखने के लिए स्मारक व द्वार बनाया जाएगा। गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल का नामकरण संजय के नाम से किया जाएगा।