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एशियन गेम्स में जीता मेडल मेरा नहीं मेरे देश का, जापान से लौटे देवास के सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा बोले

आईची नागोया, जापान में चल रहे एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में ब्रांज मेडल जीतकर देवास व देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी जय मीणा कोच सुदेश सांगते व साथि...और पढ़ें

By satyendra singh rathoreEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:47:20 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:47:20 PM (IST)
एशियन गेम्स में जीता मेडल मेरा नहीं मेरे देश का, जापान से लौटे देवास के सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा बोले
देवास में रैली के दौरान खिलाड़ी जय मीणा, उनके साथी खिलाड़ी व कोच सुदेश सांगते का स्वागत करते हुए लोग। -नईदुनिया

HighLights

  1. खिलाड़ी जय मीणा कोच सुदेश सांगते व साथियों के साथ लौटे
  2. सोमवार को रैली शहर के मुख्य मार्गों से निकाली गई
  3. जय, कोच सांगते का जगह-जगह खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : आईची नागोया, जापान में चल रहे एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में ब्रांज मेडल जीतकर देवास व देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी जय मीणा कोच सुदेश सांगते व साथियों के साथ लौटे। सोमवार को रैली शहर के मुख्य मार्गों से निकाली गई।

जवाहर चौक से लेकर सयाजी द्वार तक रैली के रूप में निकले जय, कोच सांगते का जगह-जगह खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने जय व कोच सांगते से भेंट की और भारत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल करने पर शुभकामनाएं दी।


देवास का नाम देश एवं अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर गौरवान्वित हुआ है

कलेक्टर ने खिलाड़ी मीणा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से देवास का नाम देश एवं अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर गौरवान्वित हुआ है। उनकी सफलता जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं, भारतीय साफ्ट टेनिस टीम के कोच के रूप में सांगते का योगदान भी देवास के लिए गौरव का विषय है।

जय ने सफलता का श्रेय कोच व माता-पिता सहित पूरे देश को दिया

जय की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सफलता हासिल कर सकते हैं। रैली के बाद हुई प्रेसवार्ता में खिलाड़ी जय ने सफलता का श्रेय कोच व माता-पिता सहित पूरे देश को दिया।

इस मेडल को पाने के लिए मेरा 16 साल का प्रयास रहा

उन्होंने कहा यह मेरा मेडल नहीं है, यह मेरे देश का है, मेरे देश के वासियों का है। इस मेडल को पाने के लिए मेरा 16 साल का प्रयास रहा लेकिन मेरे कोच इसके लिए 22 साल से सतत प्रयास में लगे थे। पहले भी एशियन गेम्स में खिलाड़ी गए थे लेकिन मेडल पाने की सफलता नहीं मिल सकी। पिछले एशियन गेम्स में मैं खुद क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा था। तब भी हमें बहुत दुख हुआ था।

तीसरी बार एशियन गेम्स में भागीदारी की और पदक जीतने के लिए कड़ी मेहनत की

इस बार मैंने तीसरी बार एशियन गेम्स में भागीदारी की और पदक जीतने के लिए कड़ी मेहनत की। स्पर्घा के अंतिम दौर में मैं अकेला भारतीय खिलाड़ी बचा था, 140 करोड़ लोगों का समर्थन व आशीर्वाद पदक दिलाने में सहायक रहा। जय ने कहा इस बार तैयारी बेहतर रही, किसी प्रकार की कमी आड़े नहीं आई। खेल सामग्री हो या बाहर प्रशिक्षण, सब कुछ सरकार ने समय पर उपलब्ध करवाया।

आठ लोगों की टीम में तीन खिलाड़ी व एक कोच देवास से

जय के कोच विश्वामित्र अवार्डी सुदेश सांगते ने कहा एशियन गेम्स में साफ्ट टेनिस के लिए आठ सदस्यों की टीम जापान गई थी। इसमें छह खिलाड़ी एक कोच व एक फिजियो थे। देवास के लिए इससे बड़ी उपलब्धि और क्या होगी कि आठ लोगों की टीम में तीन खिलाड़ी व एक कोच देवास से था।

खेल कोई भी हो जब तक माथे का पसीना माटी से नहीं मिलेगा तब तक सफलता नहीं मिलेगी। इस बार जो मेडल मिला है उसका रंग अगली बार बदलना है, इसके लिए कई साल का परिश्रम लगेगा। प्रेसवार्ता में आनंद संस्थान से समीरा नईम, साफ्ट टेनिस संघ पदाधिकारी श्रीकांत उपाध्याय, खेल शिक्षक हेमेंद्र निगम आदि उपस्थित रहे।

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