-नागदा क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस ने रुकवाया बाल विवाह

-स्वजनों ने टीम का किया विरोध

देवास। महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की टीम जब पहली बार बाल विवाह रुकवाने गई तो दस्तावेजों में दुल्हन बालिग निकली, लेकिन शिकायत के बाद फिर टीम दूसरी बार गई, दूसरे अन्य दस्तावेज खंगाले तो लड़की नाबालिग निकली गई। विवाह रुकवाने को लेकर स्वजनों ने हंगामा किया। टीम को विरोध का सामना कर करना पड़ा। करीब दो घंटे की समझाइश और विरोध झेलने के बाद पुलिस की सख्ती के बाद स्वजनों ने कहा कि वे नाबालिग का विवाह नहीं करेंगे।

ये बाल विवाह रोकने का घटनाक्रम नागदा क्षेत्र में सोमवार को हुआ। टीम ने शिकायत के बाद बरात आने के 24 घंटे के पहले ही विवाह को रुकवाया और पंचनाम बनाया। सीडीपीओ प्रियंका जायसवाल ने बताया कि बाल विवाह को लेकर सूचना प्राप्त हुई थी कि दो लड़कियां का विवाह हो रहा है। जिसमें एक नाबालिग है। जिस पर दोपहर करीब 1 बजे टीम के साथ दुल्हन के घर पहुंचे थे।

दूल्हन के दस्तावेजों को देखे तो जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार दुल्हन बालिग थी, लेकिन कुछ घंटे बाद फिर शाम करीब 4 बजे टीम मौके पर पहुंची। दुल्हन के स्कालर रजिस्टार सहित अन्य दस्तावेजों को देखा गया। जिसमें दुल्हन नाबालिग की थी। स्वजनों को दो घंटे तक समझाइश दी गई। जिसके बाद वे विवाह रोकने के लिए राजी हुई। घटना को लेकर पंचनामा बनाया गया है। विवाह को लेकर हमारी टीम की नजर भी है। टीम में चाइल्ड लाइन के मुकेश मालवीय, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ प्रियंका जयसवाल, पर्यवेक्षक शोभा शर्मा, विशेष किशोर पुलिस इकाई से प्रभारी संतोष पांडे, पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र देवास के प्रधान आरक्षक राहुल संतोरे, प्रधान आरक्षक यशपाल मौजूद थे।

महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बाल विवाह रुकवाया है। सामूहिक विवाह का दौर भी शुरू होने जा रहा है। आयोजक ध्यान रखे कि लड़की की उम्र के दस्तावेज जांचने के बाद ही आयोजन में जोड़ों को शामिल करें। सामूहिक विवाह को लेकर टीम भी तैयारी की गई है जो आयोजनों में जाकर निरीक्षण करेगी। बाल विवाह पर सख्ती बरती जाएगी। -रेमल बघेल, परियोजना अधिकारी, देवास

Posted By: Nai Dunia News Network

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