
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। नगर निगम के बायपास क्षेत्र स्थित ट्रेन्चिंग ग्राउंड में प्रशासनिक लापरवाही का भयावह चेहरा सामने आया है। यहाँ खुले मैदान में बड़ी संख्या में मरे हुए गोवंशी पशुओं के शव, हड्डियां और सड़े-गले अवशेष फेंक दिए गए हैं।
हालत यह है कि आवारा कुत्ते शवों को नोच रहे हैं, चारों ओर दुर्गंध फैली है और कुछ स्थानों पर धुआं उठता दिखाई दे रहा है। विगत दिवस ट्रेंचिंग ग्राउंड पर व्यवस्थाएं देखने पहुंचे कुछ पशु प्रेमियों और समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से ट्रेंचिंग ग्राउंड पर मौजूद लोगों का जमकर विवाद हुआ। बाद में मामला नाहर दरवाजा थाने पहुंचा।
लोगों का आरोप है कि लंबे समय से मृत पशुओं को यहां लाकर डंप किया जा रहा है, लेकिन न तो उन्हें गाड़ा जा रहा है और न ही क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है।
खुले में सड़ते शवों से दुर्गंध के कारण रहना मुश्किल हो गया है और कुत्तों के झुंड रहवासी क्षेत्र तक पहुंचने लगे हैं। इंटरनेट मीडिया पर इसका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें गोवंश के कई शव बिना खाल के दिखाई दे रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह सब किसकी जानकारी में हो रहा है? क्या नगर निगम और पशु विभाग को इसकी भनक नहीं है या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार मृत गोवंश को सम्मानपूर्वक समाधि दी जानी चाहिए, परन्तु ट्रेन्चिंग ग्राउंड पर उनकी खाल निकालकर सड़ने के साथ कुत्तों और अन्य शिकारियों के लिए छोड़ दिया जा रहा है। इस सम्बंध में नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र सिसोदिया से संपर्क किया गया परंतु उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।