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एमपी के निसरपुर हॉस्टल से आधी रात 40 छात्राएं निकलीं, ढाई किमी पैदल चलकर कुक्षी पहुंचीं, व्यवस्थाओं पर उठाए गंभीर सवाल

निसरपुर पुनर्वास स्थल के माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास से रविवार रात करीब 40 छात्राएं समस्याओं के समाधान की मांग लेकर बाहर निकल गईं।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 08:43:39 AM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 08:43:39 AM (IST)
एमपी के निसरपुर हॉस्टल से आधी रात 40 छात्राएं निकलीं, ढाई किमी पैदल चलकर कुक्षी पहुंचीं, व्यवस्थाओं पर उठाए गंभीर सवाल
निसरपुर छात्रावास से रात में निकलीं 40 छात्राओं ने सुनाई परेशानी

HighLights

  1. छात्राएं ढाई किलोमीटर पैदल चलकर कुक्षी पहुंचीं
  2. छात्रावास में 140 छात्राओं के रहने का दावा
  3. क्षमता लगभग 50 छात्राओं की बताई गई

नईदुनिया प्रतिनिधि, सुसारी/निसरपुर। निसरपुर पुनर्वास स्थल स्थित माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास में रविवार रात उस समय अफरातफरी की स्थिति बन गई, जब करीब 40 छात्राएं अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छात्रावास की खिड़की से बाहर निकलकर कुक्षी की ओर पैदल रवाना हो गईं। छात्राएं रात करीब 12 बजे छात्रावास से निकलीं और लगभग ढाई किलोमीटर तक पैदल चलीं।

कटनेरा पुल के पास सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को समझाया। इसके बाद उन्हें वाहनों से कुक्षी पहुंचाया गया। वहां छात्राओं ने तहसीलदार, एसडीओपी और थाना प्रभारी के सामने छात्रावास की व्यवस्थाओं से जुड़ी अपनी शिकायतें रखीं। अधिकारियों के सोमवार को समस्याओं का समाधान कराने के आश्वासन के बाद छात्राएं रात करीब 2 बजे वापस छात्रावास पहुंचीं।


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140 छात्राओं के लिए 50 की व्यवस्था का दावा

छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास में वर्तमान में करीब 140 छात्राएं रह रही हैं। उनके अनुसार छात्रावास भवन में लगभग 50 छात्राओं के रहने की ही व्यवस्था है। इसी भवन में कन्या शिक्षा परिसर की करीब 50 छात्राएं भी रह रही हैं।

छात्राओं का कहना है कि भवन की क्षमता से अधिक संख्या में छात्राओं के रहने से आवासीय और सोने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि कई बार एक ही बिस्तर पर दो से तीन छात्राओं को सोना पड़ता है।

भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता पर सवाल

कुक्षी पहुंची छात्राओं ने भोजन और नाश्ते को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराईं। छात्राओं के अनुसार कई बार उन्हें घटिया किस्म का भोजन परोसा जाता है। सुबह के नाश्ते में भी निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया।

छात्राओं ने छात्रावास प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं को किसी दूसरे छात्रावास में स्थानांतरित करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान प्रबंधन को हटाने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी।

निरीक्षण की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल

छात्राओं ने शिक्षा और प्रशासन विभाग के अधिकारियों के निरीक्षण को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अधिकारी छात्रावास का निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन बाहर से ही देखकर लौट जाते हैं। छात्राओं के मुताबिक अधिकारियों द्वारा अंदर आकर उनसे बातचीत नहीं की जाती, जिससे उनकी वास्तविक समस्याएं सामने नहीं आ पातीं।

अधिकारियों ने सोमवार को समाधान का दिया भरोसा

कुक्षी में तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, एसडीओपी सुनील गुप्ता और थाना प्रभारी ने छात्राओं की शिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सोमवार को संबंधित अधिकारी छात्रावास पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और छात्राओं की शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद छात्राएं वाहनों से निसरपुर स्थित छात्रावास वापस लौटीं। वे रात करीब 2 बजे छात्रावास पहुंचीं।

अब सोमवार की कार्रवाई पर नजर

छात्राओं के प्रदर्शन और शिकायतों के बाद सोमवार को संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा छात्रावास पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्षमता से अधिक छात्राओं के रहने, बिस्तर, भोजन, नाश्ते और छात्रावास प्रबंधन से जुड़ी शिकायतों पर क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।