
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार : धार की धरती पर पहली बार पूरी ट्रॉयल ट्रेन पटरी पर दौड़ेगी। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत टीही-धार रेलखंड पर करीब 47 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग पर होने वाला यह ट्रॉयल धार के रेल इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि होगा।
वर्षों से इंदौर से सीधे रेल संपर्क का इंतजार कर रहे जिले के लोगों के लिए यह बड़ी उम्मीद लेकर आया है। गुरुवार को रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने दो दिवसीय निरीक्षण की शुरुआत की। पहले दिन टीही से गुणावद तक रेलमार्ग का बारीकी से जायजा लिया गया। टीही रेलवे स्टेशन पर विधि-विधान से पूजन के बाद निरीक्षण शुरू हुआ।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवासन, निरीक्षण के दौरान पश्चिम रेलवे के अधिकारी विनीत श्रीवास्तव, डीआरएम अश्विनी कुमार, अभियंता धीरज कुमार, तपेश्वर राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने ट्रॉली के माध्यम से करीब तीन किलोमीटर लंबी टनल पार कर गुणावद तक निरीक्षण किया।
टनल के भीतर सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु की जांच में एक घंटे से अधिक समय लगा। इसमें आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने, बचाव कार्यों की व्यवस्था और रेल परिचालन के दौरान सुरक्षा इंतजामों को परखा गया।
निरीक्षण के दौरान रेल पटरी, टनल की संरचना और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। रेलमार्ग पर बने करीब 15 बड़े ब्रिज और 25 छोटे पुल-पुलियाओं की मजबूती भी परखी गई। चंबल नदी सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर बने पुलों का निरीक्षण कर यह देखा गया कि तेज गति से ट्रेन गुजरने के दौरान संरचनाएं सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती हैं या नहीं। पहले दिन का पूरा ध्यान निर्माण की गुणवत्ता और संरचनात्मक मजबूती पर रहा।
शुक्रवार को निरीक्षण के दूसरे दिन विद्युत इंजन से टीही से धार तक गति परीक्षण होगा। इंजन में विशेष उपकरण लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से पटरी पर कंपन, झटकों और अन्य तकनीकी बदलावों की जानकारी मिलेगी। अलग-अलग गति पर इंजन चलाकर ट्रैक की स्थिरता, मोड़ों, अलाइनमेंट और पुलों की स्थिति जांची जाएगी। इसके साथ ही 25 केवी एसी विद्युतीकरण व्यवस्था की सुरक्षा भी परखी जाएगी।
दो दिवसीय निरीक्षण और गति परीक्षण पूरा होने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त अपनी रिपोर्ट देंगे। सुरक्षा मानकों पर संतुष्टि और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद धार-इंदौर रेल सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होगा। शुरुआती दौर में इस मार्ग पर मेमू ट्रेन चलाने की योजना है।
भविष्य में महू से रेल संपर्क स्थापित होने पर अन्य यात्री ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। अब धारवासियों की नजर शुक्रवार को होने वाले गति परीक्षण पर है। यह ट्रायल सफल रहता है तो जिले को सीधे रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी बाधा दूर होगी।
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