
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट द्वारा 15 मई को हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के एक माह बाद मंगलवार को नियमित सत्याग्रह विशेष रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवा पगड़ियां पहनकर पहुंचे, जिससे पूरा भोजशाला परिसर भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। सत्याग्रह के दौरान श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी की सामूहिक स्तुति की और एक स्वर में हनुमान चालीसा का पाठ किया। मां वाग्देवी के जयकारों और भजनों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गईं।
गर्भगृह को आकर्षक फूलों से नववधू की तरह सजाया गया था, वहीं कई श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी को चुनरी भी अर्पित की। सत्याग्रह में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर तथा भोजशाला आंदोलन से जुड़े देवास से संत गोपालकृष्ण महाराज और गुजरात के घनश्याम सौराष्ट्र महाराज सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए। सभी ने मां वाग्देवी का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
संत गोपालकृष्ण महाराज और घनश्याम महाराज ने कहा कि भोजशाला आंदोलन सत्याग्रह की शक्ति से ही जीवित रहा है और अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति तक यह क्रम निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से सक्रिय बने रहने का आह्वान करते हुए कहा कि अभी कई महत्वपूर्ण कार्य शेष हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार की भूमिका अहम है। धार का गौरव राजा भोज हैं और भोजशाला का गौरव संस्कृत भाषा है, इसलिए यहां संस्कृत शोध संस्थान की स्थापना की जानी चाहिए।
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