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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dhar Bhojshala ASI Survey: धार की भोजशाला में खोदाई में मिली खंडित प्रतिमा, हिंदू पक्ष ने किया सनातन से जुड़ी होने का दावा

भोजशाला में एएसआइ सर्वे का 36वां दिन, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रतिमा किस देवी या देवता की है?

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 26 Apr 2024 09:21:07 PM (IST)Updated Date: Fri, 26 Apr 2024 09:26:00 PM (IST)
Dhar Bhojshala ASI Survey: धार की भोजशाला में खोदाई में मिली खंडित प्रतिमा, हिंदू पक्ष ने किया सनातन से जुड़ी होने का दावा
धार की भोजशाला में जारी है एएसआइ का सर्वे।

HighLights

  1. 22 मार्च से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वे का काम जारी है।
  2. न्यायालय द्वारा टीम को छह सप्ताह का समय दिया गया था।
  3. अब महज छह दिन शेष रह गए हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) की टीम को 36वें दिन शुक्रवार को सर्वे के दौरान भीतरी परिसर में मिट्टी हटाते समय एक खंडित प्रतिमा का ऊपरी हिस्सा मिला है। इसे लेकर हिंदू पक्ष का दावा किया है कि प्रतिमा सनातन धर्म से जुड़ी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रतिमा किस देवी या देवता की है?

वहीं, टीम ने कमाल मौलाना दरगाह परिसर में भी सर्वे का काम किया औऱ शिलालेखों का केमिकल ट्रीटमेंट करने के साथ उस पर की गई लिखावट को पेपर रोल पर उकेरा। हिंदू पक्ष के गोपाल शर्मा के अनुसार सर्वे में समय-समय पर जो साक्ष्य निकल रहे हैं, वह सनातन धर्म से संबंधित हैं।


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सर्वे का मूल उद्देश्य टाइटल स्पष्ट करना हैं। बता दें कि भोजशाला में उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के आदेश के बाद 22 मार्च से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सर्वे का काम जारी है। न्यायालय द्वारा टीम को छह सप्ताह का समय दिया गया था। इसमें अब महज छह दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में एएसआइ द्वारा न्यायालय से आठ सप्ताह के अतिरिक्त समय की मांग की गई है।