यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dhar Bhojshala ASI Survey: भोजशाला में बंद कमरे में मां वाग्देवी की खंडित मूर्ति के साथ मिली मां पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा
मध्य प्रदेश के धार शहर की ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सर्वे के 80 वें दिन महिषासुर मर्दिनी, भगवान हनुमान और भैरवनाथ की मू...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 06:37:07 AM (IST)Updated Date: Mon, 10 Jun 2024 01:20:54 PM (IST)
धार भोजशाला फाइल चित्रHighLights
- हिंदू पक्ष का दावा है कि सर्वे के दौरान धार भोजशाला के भीतर बंद कमरे को खोला गया।
- जीपीआर मशीन से हुए भोजशाला के सर्वे के बाद खोदाई की गई।
- इस कमरे से अनेक खंडित मूर्ति मिली हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। ऐतिहासिक भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने रविवार को 80वें दिन व्यापक स्तर पर सर्वे किया। इस दौरान छोटे-बड़े 79 अवशेष मिले। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला के भीतर बंद कमरे को खोला गया। जीपीआर मशीन से हुए सर्वे के बाद यहां खोदाई की गई। इस कमरे से भगवान गणेश, मां वाग्देवी की खंडित मूर्ति मिली है। साथ ही अन्य मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। कमरे से ही लगभग 50 अवशेष और मूर्तियां निकली हैं।
हिंदू पक्ष ने रविवार के दिन के सर्वे को ऐतिहासिक बताया है। कहा कि मां सरस्वती का मंदिर अपने आप साबित हो गया है। याचिकाकर्ता आशीष गोयल एवं गोपाल शर्मा ने बताया कि जीपीआर सर्वे के बाद इस कमरे में फर्श खोदकर मिट्टी हटाई गई। फोटो और वीडियोग्राफी करते हुए मिट्टी हटाने का काम चला।
इस दौरान यहां से 50 अवशेष मिले। जिसमें मूर्तियां भी निकली हैं। इनमें भगवान गणेश सहित मां वाग्देवी की खंडित मूर्ति भी शामिल हैं। महिषासुर मर्दिनी, मां पार्वती, भगवान हनुमान और भैरव नाथ की मूर्तियां भी मिली हैं। शिखर, स्तंभ और दीवार के अवशेष निकले हैं। इसके अलावा उत्तरी हिस्से में मिट्टी हटाने के दौरान छह अवशेष निकले हैं। दिनभर में कुल 79 अवशेष निकले, वहीं वर्षा के कारण भोजशाला के आसपास बनाई गई खंती में भराव कार्य किया गया है। तीन खंती में काम पूरा हो गया है।
अब तक मिले 1600 अवशेष
22 मार्च से सर्वे का कार्य जारी है। इसके तहत अब तक 1600 अवशेष मिल चुके हैं। इसमें मुख्य रूप से स्तंभ के पत्थर मिल रहे थे। रविवार को एक ही दिन में 79 अवशेष मिले। जिसमें अधिकांश सनातन संस्कृति से जुड़े अवशेष हैं। उल्लेखनीय है कि पांच दिन तक भोजशाला में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार(जीपीआर) से सर्वे किया गया था। अब इसके आधार पर खोदाई कार्य किया जा रहा है।