मनावर। नईदुनिया न्यूज
गणतंत्र मेले श्री मंगलादेवीजी में रौनक शबाब पर है। प्रतिवर्ष 26 जनवरी से आरंभ होने वाले इस मेले में स्थानीय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक यहां आकर मेले का आनंद उठा रहे हैं। मेले में आए विभिन्न प्रकार के झूलों ने विशेष आकर्षण बढ़ाया है।
गौरतलब है कि मनावर में लगने वाला मेला संभवतः ऐसा पहला मेला है, जो गणतंत्र के साथ मंगलादेवी की धार्मिक आस्था को समेटे हुए हैं। बस स्टैंड के पास मेला मैदान में यह मेला नगर पालिका द्वारा आयोजित कि या जाता है। बड़े शहरों व नगरों में लगभग खत्म होती जा रही मेला संस्कृति को यहां जीवित देख लोग खुश होते हैं। इसे देख यह सच लगता है कि मेले, मेलमिलाप की संस्कृति के संवाहक होते हैं। मेले के लिए दूरदराज से आने वाले दुकानदार व ग्राहकों के बीच नई कड़ी जुड़ती है।
मेले में लगने वाली मीना बाजार में शाम को अच्छी खासी चहल -पहल रहती है। यहां महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन से लेकर दैनिक जरुरतों की चीजें, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, घरेलू सामान आदि मिलते हैं। इस वर्ष पानी में चलने वाली मोटर बोट, बच्चों की रैल, मिक्की माउस, ब्रेक डांस, टोरा-टोरा, बड़े झूले, बड़ी नावे आकर्षण का कें द्र बने हुए हैं। बच्चे यहां पहुंचकर खूब मौज मस्ती कर रहे हैं। गुब्बारों पर निशाना लगाने के शौकि न भी अपना मन बहला रहे हैं। खाने-पीने में शरबत, आईस्क्रीम, गन्ने का रस, भेल पूड़ी, पापकर्न, मधुशालाएं, होटलें आदि की दुकानें लगी हैं। जहां चाट पकोड़ी, दही बड़ा, गुलाब जामुन, जलेबी, रबड़ी, ईमरती आदि का लोग लुत्फ उठाते हैं। मेला समिति द्वारा प्रतिवर्ष दुकानों की साज -सज्जा को लेकर दुकानदारों को पुरस्कृत भी कि या जाता है। करीब एक माह से अधिक चलने वाले इस मेले का लोगों को सालभर इंतजार रहता है।
फोटो14एमएनआर12मेले में रात को बड़ी संख्या में झूला झूलने भीड़ उमड़ रही है।
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