
- कपड़ा और सौंदर्य प्रसाधन की खरीदारी करने पहुंचे आदिवासी
डही। नईदुनिया न्यूज
भगोरिया के पूर्व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र डही के त्योहारिया हाट में जिस तरह से ठाठ कायम रहती है और जमकर व्यापार होता है, वैसा इस बार नजर नहीं आया। गुरुवार को पहला त्योहारिया हाट होने से खरीदारी पर असर देखा गया। व्यापारियों कहना है कि प्रायः त्योहारिया या भगोरिया हाट पहला होता है तो व्यापार-व्यवसाय प्रभावित होता है। कु ल मिलाकर डही के त्योहारिया हाट में वैसी रौनक नहीं देखी गई जैसी की उम्मीद की जा रही थी। व्यापार-व्यवसाय मध्यम रहा।
आदिवासी संस्कृति के प्रमुख पर्व भगोरिया का 14 मार्च से आगाज होगा। इसके मद्देनजर त्योहारिया हाट की शुरुआत हो गई है। गुरुवार को डही में त्योहारिया हाट बाजार के चलते आसपास गांव से आए लोगों ने जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी की। सौंदर्य प्रसाधन, कपड़े, जूते, चप्पल, चश्मे, कमर बेल्ट, हाथ घड़ी, लुगड़ा-घाघरा की फीते आदि वस्तुओं की खरीदारी में आदिवासी मशगूल रहे। हालांकि उम्मीद के अनुसार व्यापार नहीं चला। चांदी के गहनों की भी खरीदारी हुई। गरीब महिलाओं ने गोटा चांदी (नकली) के गहने खरीदे।
सजने लगी आदिवासी बालाएं
ठेठ आदिवासी युवतियां भी अब सुंदरता के प्रति सजग दिखाई देने लगी हैं। लिपस्टिक व क्रीम-पाउडर से आगे आकर अब उनका रुख ब्यूटी पार्लर की ओर है। गुरुवार को डही के त्योहारिया हाट में कई आदिवासी युवतियां ब्यूटी पार्लर दुकानों पर फे शियल, थ्रेडिंग, ब्लीचिंग, वैक्सिंग कराने पहुंची। मेकअप पर इन युवतियों ने 50 से 300 रुपए तक खर्च कि ए।
श्रृंगार सामग्रियों की मांग बढ़ी
14 मार्च से शुरू हो रहे भगोरिया पर्व के कारण इन दिनों गांव-गांव में श्रंगार सामग्रियों की मांग बढ़ गई है। जगह-जगह दुकानें सज रही हैं। उम्मीद की जा रही है कि भगोरिया के 2-3 दिन पहले जमकर व्यापार चल पड़ेगा। श्रंगार सामग्री अलग-अलग जगहों पर जाकर बेचने वाले व्यवसायी इलियास मनियार ने बताया कि भगोरिया के कारण हर महिला सामग्री खरीदकर उसे भगोरिया मेले के दौरान इस्तेमाल करना चाहती है। आधुनिक जमाने के हिसाब से सामान की मांग बढ़ती जा रही है। उल्लेखनीय है कि भगोरिया हाट में सप्ताह भर आदिवासी युवक-युवतियां मस्ती और उमंग में नजर आएंगे। महुए और ताड़ी की गंध के बीच ढोल-मांदल की थाप पर बांसुरी की तान उन्हें खींचकर हाटों में ले जाएगी। पूरे सप्ताहभर लगातार के वल डही क्षेत्र में ही भगोरिया हाट लगते हैं।
फोटो-
07डही03- डही में आदिवासी युवतियां भी आधुनिक वैरायटी की चप्पलें खरीदने पहुंची थीं।
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