बदनावर (नईदुनिया न्यूज)। उज्जौन-बदनावर टूलेन सड़क की दशा बारिश के बाद बहुत अधिक बिगड़ गई है। इसके रखरखाव की ओर संबंधित विभाग द्वारा समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे सड़क उखड़ रही है। बढ़ते गड्ढों के कारण यह सड़क धीरे-धीरे वाहन चालकों के लिए मुसीबत का कारण बन रही है। वाहनों की आवाजाही से इसकी दशा दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है। गड्ढों को बचाने के दौरान कलाबाजी दिखाते वाहन चलाने से हादसे बढ़ गए हैं। हालांकि इस मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने की कार्रवाई चल रही है, किंतु अभी उसमें समय है। ऐसे में जब तक फोरलेन बन नहीं जाता है। मार्ग की दशा सुधारने की मांग की जा रही है।
उज्जौन-बदनावर-थांदला टूलेन मार्ग करीब वर्ष 2004 में बनाया गया था। यह मार्ग प्रदेश की राजधानी भोपाल को गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद से जोड़ता है। साथ ही उज्जौन में महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग होने से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। गुजरात की ओर से भोपाल, उज्जौन, रतलाम जाने के लिए यह काफी सुगम रास्ता है। इन्हीं सब स्थितियों को देखते हुए इस मार्ग पर यातायात का दबाब काफी बढ़ गया है। यही कारण रहा है कि अब इस मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने की कवायद जोर-शोर से चल रही है।
रात में सफर करना खतरे से कम नहीं
इन दिनों लगातार बारिश के कारण सड़क कहीं-कहीं से उखड़ गई है। कई जगह बड़े गड्ढों में परिवर्तित हो रही है। भारी वाहनों का बोझ भी गड्ढे सहन नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए दुर्घटना का कारण बनते जा रहे हैं। खासकर चार पहिया व दुपहिया वाहन चालकों के लिए रात में इस मार्ग पर यात्रा करना खतरे से कम नहीं है। कभी भी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। पिछले एक पखवाड़े में ही करीब पांच से छह दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं। हादसों का सिलसिला तब तक थमता नजर नहीं आता है, जब तक सड़क की दशा सुधर नहीं जाती है। पिछले कुछ समय में सड़क पर मरम्मत तो की गई, किंतु बारिश होने से फिर से वही स्थिति निर्मित होने लगी है। सबसे अधिक खराब स्थिति ढोलाना से बदनावर तक हो गई है। शीघ्र सड़क सुधार की दरकार है।
डामर से पैचवर्क करेंगे
टूलेन मार्ग पर सड़क की मरम्मत कर रहे ठेकेदार केजी गुप्ता का कहना है कि अभी बारिश होने से सड़क पर कधाा पैचवर्क किया जा रहा है। बारिश थमने के बाद इस पर डामर से पैचवर्क किया जाएगा।
कधाा पैचवर्क करवा रहे हैं
एमपीआरडीसी महाप्रबंधक एसके मनवानी ने बताया कि बारिश से सड़कें खराब हो रही हैं। जब-जब बारिश रुकती है, तब-तब कधाा पैवचर्क करवाया जा रहा है। बारिश के बाद सड़क को पूरी तरह दुरुस्त करवा दिया जाएगा।