धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में शनिवार को विजय कीर्ति मंदिर में दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कोरोना को देखते हुए इस बार आयोजन बड़े स्तर पर नहीं करते हुए सांकेतिक रूप से किया गया। सीमित संख्या में पौ-चौपाटी से जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल हिंदू समाज के युवाओं में उत्साह चरम पर देखा गया। एक बग्घी में राम दरबार का चित्र रखा हुआ था। जैसे ही जुलूस विजय कीर्ति मंदिर पहुंचा श्रीराम के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। चित्र को कीर्ति मंदिर में प्रवेश करवाया, उसके बाद पूजन कर महाआरती की गई। साथ ही सभी ने एक- दूसरे को दशहरे की बधाई दी।

गौरतलब है कि शहर में प्रतिवर्ष हिंदू समाज द्वारा विजयादशमी के अगले दिन दशहरा मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन बड़े स्तर पर किया जाता है। इसमें धानमंडी से जुलूस की शुरुआत होती है जो कि शहर के विभिन्ना मार्गो से होते हुए विजय कीर्ति मंदिर पहुंचता है। जहां हजारों की संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल होते है। भगवान राम का पूजन कर एक- दूसरे के गले मिलकर की बधाई देते हैं। दो वर्ष से कोरोना काल होने से इस आयोजन के स्वरूप में बदलाव किया है। इस वर्ष भी परंपरा का निर्वाह करते हुए सांकेतिक रूप से आयोजन किया गया। इस बार धर्मसभा का आयोजन भी नहीं किया गया। हिंदू उत्सव समिति द्वारा गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रमुख मार्ग से कीर्ति मंदिर तक जुलूस निकाला गया। मंदिर में हिंदू समाज के लोगों द्वारा भगवान राम की पूजा -अर्चना कर महाआरती की गई। इसके पश्चात सभी ने एक -दूसरे को बधाई दी। इस मौके पर पूर्व काल में हिंदू समिति की शुरुआत करने वाले विमल गोधा का समिति के अध्यक्ष द्वारा सम्मान किया गया।

कोरोना काल दे गया गम

विजय मंदिर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष बाबूलाल गहलोत ने कहा कि हमारा समाज कोरोना वायरस दुख के साथ गुजर रहा है। पिछले 2 वर्षों में हमने हमारे कई लोगों को खोया है। यह वह गम है जो कभी भुलाया नहीं जा सकता। मां ने बेटी को नहीं देखा, बेटी ने मां को नहीं देखा। बहन ने भाई को नहीं देखा तो पिता को पुत्र का कंधा नसीब नहीं हुआ। ऐसे काल से हम गुजरे हैं। अभी भी संकट का दौर चल रहा है। संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। इसी को देखते हुए आज हमने आयोजन को सीमित संख्या में किया है। सभी हिंदुओं ने यहां आकर समाज की शोभा बढ़ाई है। आगे भी हमें कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करना है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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