राजगढ़-फूलगांवड़ी (नईदुनिया न्यूज)। ग्राम फूलगांवड़ी के नजदीक स्थित गोविंदपुरा जलाशय से आसपास के कई गांव जैसे चिचौड़िया, भोपावर, पटलावदिया सहित विकासखंड के दो बड़े शहर राजगढ़ और सरदारपुर में भी पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। हाल ही में इस जलाशय में कई मछलियों के मरने का मामला सामने आया है। ऐसे में साफ तौर पर लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ हो गया है। मछलियां कैसे मर गईं और कितनी मछलियां मर चुकी हैं, इसकी कोई ठोस जानकारी किसी के पास भी नहीं है। तालाब के आसपास जितनी मछलियां मरी हुई नजर आ रही हैं, उस हिसाब से आकलन लगाया जा रहा है कि अनेक छोटी-बड़ी मछलियां मर चुकी हैं। मामला दो दिन से पुराना है, लेकिन जब कुछ लोग तालाब के पास पहुंचे और बदबू आई तो मामले का खुलासा हो पाया।

ग्रामीणों का लगा तांता

जलाशय में अज्ञात कारणों की वजह से सैकड़ों की संख्या में मछलियां मर चुकी हैं। इससे जलाशय का पानी भी दूषित हो रहा है। मछलियों के मर जाने के बाद वे सड़ चुकी हैं और उनकी बदबू से न सिर्फ जलाशय का पानी, बल्कि आसपास की हवा प्रदूषित हो रही है। मछलियों के मरने की खबर जब ग्रामीणों को लगी तो देखने वालों का तांता लग गया।

फैल सकती हैं बीमारियां

जानकार बताते हैं कि यदि इसी तरह से मछलियों के मरने का सिलसिला जारी रहता है और मछलियां मर कर उसकी पानी में सड़ती है तो यह पानी पीने योग्य ही नहीं रह जाएगा। बावजूद इसके यदि यही पानी सप्लाई होता है तो बीमारियां फैलने का भय बना रहेगा। बहरहाल, आवश्यक यह है कि यह पता किया जाए कि आखिर मछलियां मर क्यों रही हैं और इन्हें जल्द से जल्द कैसे जलाशय से बाहर किया जा सकता है, ताकि पीने के पानी की दिक्कत शहरी सहित ग्रामीण इलाकों में न हो।

गोशाला में सीधे पहुंचता है यह पानी

इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे स्थित श्रीकृष्ण गोवर्धन गोशाला और गोविंदपुरा जलाशय आमने-सामने ही स्थित है। ऐसे में गोविंदपुरा जलाशय से ही गायों के लिए पीने का पानी पाइप लाइन के माध्यम से सीधे जलाशय से पहुंचता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यदि गाय भी पिछले दो दिन से यही पानी पी रही है तो उनमें भी बीमारियां पनप सकती हैं।

ब्लीचिंग पाउडर से भी मरने की संभावना

गर्मी के दिनों में बीमारियों से भी मछलियां मर सकती हैं। यदि तालाब का पानी साफ करने के उद्देश्य से ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किया जाता है तो भी मछलियों के मरने की संभावना रहती है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि मछलियां किस कारण से मर रही है।-अशोक गर्ग, अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन विभाग, सरदारपुर

तालाब में मरी हुई मछलियां हमने भी देखी हैं। मछलियों के मर जाने और सड़ जाने से पानी प्रदूषित हो रहा है। हम प्रशासन के साथ मिलकर जल्द ही मछलियों के मरने का कारण और उसका निदान निकाल लेंगे।-शारदा पटेल, सरपंच, ग्राम पंचायत फूलगांवड़ी

Posted By: Nai Dunia News Network

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