• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • धार

धार में पुराना चंबल पुल तोड़ने के दौरान 250 मीटर स्लैब अचानक गिरा, बाल-बाल बची चालक की जान

पुल को ध्वस्त करने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने से बड़ा खतरा पैदा हो गया।

By PremVijay PatilEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 07 May 2026 11:32:12 AM (IST)Updated Date: Thu, 07 May 2026 11:36:34 AM (IST)
धार में पुराना चंबल पुल तोड़ने के दौरान  250 मीटर स्लैब अचानक गिरा, बाल-बाल बची चालक की जान
घाटा बिल्लोद में मशीन चालक इस तरह से मलबे की धूल के गुबार में कुछ मिनट फंसा रहा। (वीडियो ग्रैब)

HighLights

  1. घाटा बिल्लोद के इस भाग से अभी भी बाइक सवार निकल रहे हैं
  2. पुल को ध्वस्त करने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है
  3. कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने से बड़ा खतरा पैदा हो गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, धार-घाटा बिल्लोद। घाटा बिल्लोद में चंबल नदी पर अंग्रेजों के जमाने के पुराने पुल को तोड़ने का कार्य के चलते बुधवार को दोपहर में एक बड़ा हादसा टल गया। पुल तोड़ने के दौरान पोकलेन मशीन से काम में कथित लापरवाही के चलते अचानक करीब 250 मीटर लंबा स्लैब भरभराकर गिर पड़ा।

स्लैब गिरते ही मशीन के पंजे पर आ गिरा, जिससे मशीन का संतुलन बिगड़ गया और उसमें धुआं उठने लगा। मौके पर कुछ पल के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई, हालांकि गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, पुल को ध्वस्त करने के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने से बड़ा खतरा पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि स्लैब गिरने के दौरान तेज आवाज या मलबा आसपास मौजूद लोगों या वाहनों पर गिरता, तो गंभीर हादसा हो सकता था।


डायवर्शन के बावजूद जारी आवाजाही, खतरा बरकरार

प्रशासन द्वारा पहले ही इस मार्ग पर यातायात डायवर्ट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। लेबड़, पानखेड़ी, मालती रोड सहित अन्य स्थानों पर डायवर्जन संकेत लगाए गए हैं। इसके बावजूद कुछ बाइक सवार अब भी पुराने पुल के रास्ते से गुजर रहे हैं, जो बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है।

18 महीने रहेगा मार्ग बंद, फोरलेन पुल बनेगा

यह मार्ग इंदौर से रतलाम को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। पुल निर्माण के चलते करीब 18 महीने तक यहां आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। लगभग 40 करोड़ रु की लागत से नए फोरलेन पुल का निर्माण किया जाएगा, जिससे भविष्य में यातायात सुगम होगा। फिलहाल वाहनों को 5 से 7 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर इंदौर-अहमदाबाद रोड के डायवर्ट मार्ग से गुजरना होगा।

चेतावनी: जान जोखिम में डालकर न करें आवागमन

प्रशासन और संबंधित विभाग ने लोगों से अपील की है कि पुल तोड़ने का कार्य पूर्ण होने तक इस मार्ग का उपयोग न करें। विशेष रूप से बाइक सवारों को चेतावनी दी गई है कि डायवर्जन के बावजूद पुराने पुल से गुजरना जानलेवा हो सकता है।

सावधानी बरतने को कहा है

हमने कार्य में सावधानी रखने के लिए कहा है। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं हो। कुछ बाइक सवार वहां से निकल रहे है। ये लोग कहां से आ रहे है, मालूम नहीं हो रहा है। हमने एजेंसी को कह दिया है कि वे बाइक सवार लोगों को इधर नहीं आने दे। - पुनम कछवाया, मैनेजर, मप्र सड़क विकास निगम, धार

जबलपुर के बरगी हादसे में लापरवाही ने ली जान, क्रूज के दोनों इंजन थे खराब; मार्च में दी थी जानकारी