
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। करीब 20 साल की नौकरी में वेतन के रूप में मिले 65 लाख रुपये, जबकि संपत्ति और खर्च का हिसाब मिला तीन करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपये। नालछा की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के ठिकानों पर बुधवार को लोकायुक्त पुलिस की नौ घंटे चली कार्रवाई में यह खुलासा हुआ। तलाशी में सोने के आभूषण और साढ़े सात लाख रुपये नकद भी मिले हैं।
प्रबंधक ने संपत्तियां अपने नाम पर रखने के बजाय रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर खरीदी थीं। बुधवार सुबह छह बजे इंदौर लोकायुक्त की तीन टीमों ने एक साथ सोडपुर, नालछा और मांडू स्थित उनके ठिकानों पर छापा मारा। दस्तावेजों, निवेश और संपत्तियों की जांच दोपहर तीन बजे तक चली।
सोडपुर में 1520 वर्गमीटर का भूखंड मिला, जिस पर करीब 2400 वर्गफीट में दो मंजिला मकान बना है। भूखंड की खरीदी और निर्माण पर लगभग 97 लाख रुपये खर्च किए गए। नालछा में मांडू रोड स्थित सोडपुर तिराहे पर 1350 वर्गफीट का व्यावसायिक भवन भी मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये है। प्रबंधक की पत्नी कविता ठाकुर के नाम सोडपुर में 0.645 हेक्टेयर कृषि भूमि (कीमत करीब आठ लाख रुपये) और मांडू में 2.526 हेक्टेयर जमीन (कीमत करीब 42 लाख रुपये) मिली है।
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जांच में जेसीबी, महिंद्रा ट्रैक्टर, महिंद्रा टीयूवी, अल्टो कार, बुलेट और कृषि यंत्र मिले हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 53 लाख रुपये है। एक अन्य भवन के बेनामी संपत्ति होने की आशंका पर भी जांच की जा रही है। कृषि यंत्रों, ट्रैक्टर और ट्रालियों के स्वामित्व व कीमत का आकलन जारी है।
लोकायुक्त पुलिस ने शेरसिंह ठाकुर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में हुई। इसमें डीएसपी आनंद चौहान सहित निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया की टीमें शामिल थीं।