
डही (नईदुनिया न्यूज)। भगोरिया हाट बाजारों से पूर्व भरने वाले त्योहारिया हाट बाजारों पर रविवार को विराम लग गया। सोमवार से अब भगोरिया की धूम रहेगी। डही विकासखंड में लगातार विभिन्ना गांव में सात दिन तक भगोरिया आयोजित होंगे। आदिवासियों ने ढोल, मांदल तैयार कर लिए हैं और लगातार सात दिन तक उनके कदम ढोल-मांदल की थाप पर थिरकेंगे। सोमवार को क्षेत्र के ग्राम फिफेड़ा से भगोरिया का आगाज होगा।
भगोरिया के पूर्व आयोजित त्योहारिया हाट बाजारों में महंगाई का व्यापक असर देखा गया। व्यापारियों के अनुसार इस बार उम्मीद के अनुसार व्यवसाय नहीं चला। किराना, कपड़ा सहित जरूरत की सभी सामग्री महंगी होने से आदिवासी ग्रामीणों ने भरपूर खरीदारी नहीं की। अब व्यापारियों को भगोरिया हाट बाजारों से अच्छे व्यापार की उम्मीद बनी हुई है।
व्यापारियों ने भगोरिया हाट में बिकने वाले शकर से बने हार कंगन, खजूर, नारियल, माजम, गुड़, तेल आदि की खरीदारी कर ली है और दुकानें सज चुकी हैं।
झूले में झुलने के ख्वाब कहीं अधूरे न रह जाए
भगोरिया हाट बाजारों में झूले, चकरी आदि आकर्षण पैदा करते हैं। आदिवासी युवक, युवतियां और बच्चे इनमें झुलकर आनंदित हो उठते हैं, लेकिन इस बार कोरोना की गाइड लाइन की वजह से झूले, चकरी वाले अब तक क्षेत्र में नहीं आए हैं।
जिले में कब-कहां लगेंगे प्रमुख भगोरिया
22 मार्च- फिफेड़ा (डही), बाग, निसरपुर, डेहरी, धानी, गुमानपुरा।
23 मार्च- करजवानी (डही), कुक्षी, नालछा, धरमपुरी, तिरला।
24 मार्च- अराड़ा (डही), सुसारी सरदारपुर, सलकनपुर, गोलपुरा।
25 मार्च- डही, रिंगनोद, दत्तीगांव, गुजरी, बाकानेर, सिंघाना।
26 मार्च- धरमराय व पड़ियाल (डही), धामनोद, मनावर, जौलाना।
27 मार्च- कवड़ा व बाबली (डही), खलघाट, मांडृ।
28 मार्च- बड़वान्या (डही), राजगढ़, गंधवानी, टांडा, भारूड़पुरा।