• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • धार

धार में ट्रेन की राह का आखिरी पड़ाव : टीही से दौड़ी ट्रॉली, परखा ट्रैक... दीपावली तक रेल सेवा मिलने की उम्मीद

धार तक ट्रेन पहुंचने की तैयारी अब उस पड़ाव पर आ गई है, जहां हर छोटी तकनीकी कमी को दूर करना जरूरी है। सोमवार को पश्चिम रेलवे के मुख्य अभियंता (निर्माण)...और पढ़ें

By PremVijay PatilEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 03:49:08 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 03:59:38 PM (IST)
धार में ट्रेन की राह का आखिरी पड़ाव : टीही से दौड़ी ट्रॉली, परखा ट्रैक... दीपावली तक रेल सेवा मिलने की उम्मीद
ट्रॉली से टीही से धार तक निरीक्षण करते पश्चिम रेलवे के मुख्य अभियंता धीरज कुमार। (सौ. रेलवे)

HighLights

  1. अब 29 व 30 अक्टूबर को होगी सुरक्षा जांच
  2. युद्धस्तर पर होंगे बाकी काम
  3. 2008 में मंजूरी, अब इंतजार अंतिम पड़ाव पर

प्रेमविजय पाटिल, नईदुनिया, धार : धार तक ट्रेन पहुंचने की तैयारी अब उस पड़ाव पर आ गई है, जहां हर छोटी तकनीकी कमी को दूर करना जरूरी है। सोमवार को पश्चिम रेलवे के मुख्य अभियंता (निर्माण) धीरज कुमार ने टीही से धार तक करीब चार घंटे ट्रॉली से रेल लाइन का निरीक्षण किया। सुबह 11:30 बजे शुरु हुआ निरीक्षण शाम 3:30 बजे तक चला।

इस दौरान ट्रैक से लेकर पुल-पुलिया, स्टेशन, सिग्नलिंग और विद्युतीकरण सहित पूरी व्यवस्था को मौके पर परखा गया। अब रेलवे का ध्यान बचे हुए काम तेजी से पूरा करने पर है। सबसे बड़ी बात ये है कि 29 और 30 अक्टूबर को धार-इंदौर रेलखंड की सीआरएस प्रक्रिया कराने की तैयारी है।


सीआरएस यानी कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी की जांच में रेल संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों को परखा जाएगा। सब कुछ तय मानकों के अनुरुप मिला और स्वीकृति मिल गई तो धार से इंदौर के बीच यात्री ट्रेन चलने की दिशा में बड़ा कदम आगे बढ़ जाएगा।

चार घंटे ट्रैक पर चला निरीक्षण हुआ सफल

प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को पूरे रेलखंड का निरीक्षण करना था। प्रमुख अधिकारी के अचानक बाहर जाने के कारण मुख्य अभियंता धीरज कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण पूरा किया। अधिकारियों ने जगह-जगह रुककर ट्रैक, पुल-पुलियों और स्टेशन से जुड़े काम देखे। सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली गई। जहां अंतिम स्तर के काम बाकी मिले, वहां उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। मौके पर निर्माण एजेंसियों के ठेकेदारों और मैदानी अधिकारियों से भी चर्चा हुई।

ट्रॉयल हो चुका, अब सुरक्षा की परीक्षा

धार तक रेल लाइन पहुंचने के बाद इसका परीक्षण भी हो चुका है। मार्च 2026 में पीथमपुर-धार के करीब 38.26 किमी हिस्से पर टावर वैगन से ट्रैक की जांच की गई थी। करीब 50 किमी प्रति घंटा की गति तक ट्रायल कर ट्रैक, घुमाव, संरचनात्मक मजबूती और सिग्नलिंग व्यवस्था देखी गई थी। अब अगली और अहम सीढ़ी सीआरएस है। इसलिए सोमवार का निरीक्षण सामान्य जांच से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सुरक्षा जांच के समय कोई बड़ा काम अधूरा न रहे।

धार स्टेशन भी अंतिम तैयारी में

धार स्टेशन पर भवन, प्लेटफार्म और यात्री सुविधाओं से जुड़े काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। पीथमपुर, सागौर और गुणावद स्टेशन पर भी अलग-अलग काम चल रहे हैं। रेलवे का जोर अब बड़े निर्माण के बजाय उन कामों को पूरा करने पर है, जो ट्रेन संचालन शुरु करने से पहले जरुरी हैं।

2008 में मंजूरी, अब इंतजार अंतिम पड़ाव पर

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना करीब 204.76 किमी लंबी है। परियोजना को वित्तीय वर्ष 2007-08 में मंजूरी मिली थी। इंदौर-राऊ और राऊ-टीही का करीब 21 किमी हिस्सा पहले ही चालू हो चुका है। अब पीथमपुर से धार तक रेल संपर्क तैयार होने से धार को इंदौर के रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा। आगे ये रेल लाइन सरदारपुर, झाबुआ होते हुए गुजरात के दाहोद तक जाएगी। परियोजना की शुरुआती विस्तृत स्वीकृत लागत 1640.04 करोड़ रुपये थी। बाद में लागत बढ़ी और हाल की रिपोर्टों में यह करीब 1873 करोड़ रुपये बताई गई है।

अब निगाह 29-30 अक्टूबर पर

सोमवार के निरीक्षण के बाद अब सबकी नजर सीआरएस प्रक्रिया पर है। यदि सुरक्षा जांच में सभी मानक पूरे पाए जाते हैं और आवश्यक स्वीकृति मिलती है, तो धार से इंदौर के बीच यात्री रेल सेवा शुरु करने की राह और साफ होगी। धार के लोगों के लिए अब इंतजार का अगला पड़ाव 29 और 30 अक्टूबर है।

एक नजर में

  • परियोजना लंबाई: 204.76 किमी
  • मंजूरी: वित्तीय वर्ष 2007-08
  • पीथमपुर-धार: 38.26 किमी
  • ट्रैक परीक्षण: मार्च 2026
  • ट्रायल गति: करीब 50 किमी प्रति घंटा
  • सीआरएस प्रक्रिया की तैयारी: 29-30 अक्टूबर
  • टीही सुरंग: करीब 2.967 किमी
  • बड़े पुल: 41
  • पुराने स्वीकृत विवरण में स्टेशन: 32

यह भी पढ़ें- एमपी में रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात, धार में पहली बार 120 की स्पीड से दौड़ा लोको, आदिवासी अंचल में चलेगी ट्रेन