
धार (ब्यूरो)। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रविवार को धार में हिंदू संगठन के पदाधिकारियों से मंच के पीछे गोपनीय रूप से करीब पांच मिनट तक चर्चा की। इसमें हिंदू संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार बसंत पंचमी पर भोजशाला में नमाज पढ़वाई जाए या पूजा। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि यदि उस दिन नमाज करवाना है तो हिंदू समाज भोजशाला के बाहर सरस्वती जन्मोत्सव मनाएगा।
मंच के पीछे बनाए गए विशेष कक्ष में धर्म जागरण विभाग के संयोजक गोपाल शर्मा सहित हिंदू नेता अशोक जैन, विजयसिंह राठौर आदि से चर्चा की। इस बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए हिंदू नेता गोपाल शर्मा ने बताया कि हमने पिछले वर्ष की घटना को देखते हुए मुख्यमंत्री से स्पष्ट रूप से कह दिया है कि बसंत पंचमी पर सूर्यादय से लेकर सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना करेंगे, ऐसा आश्वस्त करें। यदि आपकी कोई मजबूरी है और राजधर्म का पालन करने की मंशा है तो तय कर लीजिए दोनों में से क्या करवाना है। इस बार दोनों में से एक ही चीज होगी।
शर्मा ने कहा कि यदि नमाज पढ़वाई जाती है तो हमने मुख्यमंत्री को कह दिया है कि फिर हिंदू समाज धार की शांति के लिए उस दिन पूरी भोजशाला छोड़ देगा। प्रवेश नहीं करेगा। हिंदू समाज अपने हिसाब से भोजशाला के बाहर जन्मोत्सव मनाएगा। शर्मा ने कहा कि हमने अपनी बात रख दी है।मुख्यमंत्री ने हमें कहा है कि जो भी होगा, ठीक होगा।
मुस्लिम समाज ने कहा- भोजशाला में ही नमाज पढ़वाएं
मुस्लिम समाज ने भी अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। इसमें एक ज्ञापन में कहा गया है कि हमारी नमाज सुनिश्चित करवाई जाए और भोजशाला में ही नमाज हो। इन लोगों ने कहा कि कुछ कैलेंडर में 13 फरवरी को बसंत पंचमी है। यहां 12 फरवरी को बसंत पंचमी मनाई जा रही है। 13 फरवरी को प्रशासन बसंत पंचमी मनवाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जुल्फीकार मुज्जू पठान, इरशाद मंसूरी, फरहान खान, हाफिज इरफान उपस्थित थे।