_m.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। भोजशाला से जुड़ीं चार याचिकाओं की सुनवाई गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी पक्षकारों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रिकॉर्ड सभी पक्षों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई के अपने फैसले में भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना था और मंदिर पक्ष को निर्बाध पूजा का अधिकार दिया था।
मस्जिद पक्ष ने तीन याचिकाएं की दाखिल
इसके बाद से मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मस्जिद पक्ष भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 पर हर शुक्रवार को नमाज पढ़ रहा है।
हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष की मुख्य याचिका पर सुनवाई विचाराधीन है ही, इसके अलावा, मस्जिद पक्ष के इंटरविनर्स की ओर से तीन अन्य याचिकाएं भी दाखिल की गई हैं।
चार याचिकाओं पर होगी सुनवाई
चारों याचिकाओं में हाई कोर्ट का फैसला निरस्त करने और भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने का अधिकार बहाल रखने की मांग की गई है। इन चारों याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।