
नईदुनिया न्यूज, बाग (धार) : बाग विकासखंड के ग्राम भमोरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने छात्रावास की अव्यवस्थाओं की शिकायत करने कुक्षी एसडीएम से मिलने की ठानी। इसको लेकर बुधवार सुबह कक्षा छठी से 10वीं तक की छात्राएं करीब 20 किलोमीटर दूर कुक्षी जाने के लिए पैदल निकली थीं।
करीब पांच किलोमीटर चलने के बाद ग्राम आसपुर में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। यहां एसडीएम कुक्षी आशीष अशोक पाटिल भी पहुंच गए थे। उन्होंने व अन्य अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। समझाइश के बाद छात्राओं को वाहनों से वापस छात्रावास भेजा गया।
छात्राओं ने छात्रावास में सहायक वार्डन के व्यवहार और भोजन की गुणवत्ता सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई। छात्राओं का आरोप था कि सहायक वार्डन कुसुम चौहान द्वारा उन्हें बार-बार दंड दिया जाता है। बीआरसी धर्मेंद्र ठाकुर के अनुसार विवाद की शुरुआत एक दिन पहले कुछ छात्राओं के भोजन के लिए करीब 10 मिनट देर से पहुंचने के मामले से हुई। इसके बाद कुछ छात्राओं को भोजन करने से रोकने की बात सामने आई। इसी घटना को लेकर छात्राओं में नाराजगी बढ़ी।
बीआरसी धर्मेंद्र ठाकुर ने बताया कि छात्राएं सुबह करीब पांच बजे प्रार्थना के समय छात्रावास से निकली थीं। जानकारी मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए और एसडीएम को सूचना दी गई। आसपुर पहुंचकर अधिकारियों ने छात्राओं को रोककर बातचीत की।
ठाकुर ने बताया कि वे भी छात्राओं के साथ कुछ दूरी तक पैदल गए और उन्हें समझाया। बाद में जिला परियोजना समन्वयक अभिषेक यादव सहित जिले के अन्य अधिकारी भी छात्रावास पहुंचे व छात्राओं से चर्चा कर समस्याओं के शीघ्र समाधान की बात कही।
मामले में छात्राओं की शिकायतों के बाद जिला स्तर पर जांच समिति गठित की गई है। समिति में जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी शामिल हैं। छात्राओं और बच्चों के अलग-अलग बयान दर्ज किए गए हैं। छात्राओं के अभिभावकों को भी बुलाकर चर्चा की गई। बीआरसी ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी और एसडीएम के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
बीआरसी धर्मेंद्र ठाकुर के अनुसार बातचीत में छात्राओं की प्रमुख शिकायत सहायक वार्डन के व्यवहार को लेकर सामने आई है। छात्राओं का कहना था कि उनके साथ ठीक तरीके से व्यवहार नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि छात्रावास में करीब 250 बच्चे हैं और फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।